Nimisha Priya Update: भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को फांसी की सजा से बचाने के लिए ब्लड मनी जुटाई जा रही है। करीब 8.3 करोड़ रुपये चाहिए और ब्लड मनी के लिए भारतीयों से भी पैसे डोनेट करने की अपील की जा रही है, लेकिन इसके लिए जो पोस्ट वायरल हो रही है, वह फर्जी है। यह खुलासा विदेश मंत्रालय की ओर से किया गया है और भारतीयों से पोस्ट को फॉलो न करने की अपील करते हुए ठगों से सावधान रहने को भी कहा गया है।
X पर वायरल हो रही है एक पोस्ट
विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि जांच करने पर निमिषा के लिए चलाया जा रहा अभियान फर्जी साबित हुआ। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें निमिषा प्रिया मामले में ब्लड मनी के लिए पैसे डोनेट करने की अपील की गई है। इसमें भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट बैंक खाते की भी डिटेल है। पोस्ट ईसाई धर्म के प्रचारक केए पॉल के ब्लू टिक वाले एक्स अकाउंट से लिखी गई है और वायरल की गई है, लेकिन यह पोस्ट फर्जी है।
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बेटी की वीडियो भी हुआ था वायरल
वायरल एक्स पोस्ट में लिखा है कि सेव निमिषा के लिए भारत सरकार की ओर से नामित बैंक खाते में सीधे दान करें। निमिषा की फांसी रोकने के लिए ब्लड मनी के तौर पर 8.3 करोड़ रुपये की जरूरत है। जुलाई 2025 में केए पॉल ने ही यमन की सरकार और हूती विद्रोहियों के लिए एक वीडियो अपने अकाउंट पर पोस्ट की थी। सना से बनाए गए इस वीडियो में निमिषा प्रिया की 13 वर्षीय बेटी मिशेल और उसके पति थॉमस भी दिखाई दिए थे।
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यमन की सना जेल में कैद है निमिषा
बता दें कि केरल की नर्स निमिषा प्रिया को यमन में फांसी की सजा हुई है। वह साल 2017 से यमन की सना जेल में कैद है। निमिषा को अपने यमनी बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो महदी की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है। जुलाई 2017 में तलाल अब्दो महदी की हत्या हुई थी और साल 2020 में निमिषा को फांसी की सजा सुनाई गई थी। 16 जुलाई 2025 को निमिषा को फांसी दी जानी थी, लेकिन ऐन मौके पर उसकी फांसी को टाल दिया गया था।
विदेश मंत्रालय की मामले पर नजर
38 वर्षीय निमिषा की फांसी भारतीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थगित की गई थी। वह इस समय जिस जेल में कैद है, वह ईरान समर्थित हूती विद्राहियों के कंट्रोल में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि सरकार मित्र देशों की सरकारों के संपर्क में है और निमिषा मामले में परिवार को मदद उपलब्ध करा रही है। मामले पर लगातार नजर रखे हुए हैं। मित्र देशों की सरकारों से संपर्क करके निमिषा को बचाने के प्रयास जारी हैं।