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मणिपुर में नई आफत; जरूरी सामान की हो सकती किल्लत, इस वजह से नेशनल हाईवे पर फंसे सैकड़ों ट्रक

Manipur Highway Block: मणिपुर में एक नई आफत इंतजार कर रही है। इम्फाल-सिलचर नेशनल हाईवे पर दोनों ओर से मालवाहक गाड़ियों की लाइन लग गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाम हटने में कुछ दिन का वक्त लग सकता है। ऐसे में आशंका जाहिर की जा रही है कि मणिपुर के कुछ इलाकों में लोगों को […]

सांकेतिक तस्वीर।
Manipur Highway Block: मणिपुर में एक नई आफत इंतजार कर रही है। इम्फाल-सिलचर नेशनल हाईवे पर दोनों ओर से मालवाहक गाड़ियों की लाइन लग गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाम हटने में कुछ दिन का वक्त लग सकता है। ऐसे में आशंका जाहिर की जा रही है कि मणिपुर के कुछ इलाकों में लोगों को जरूरी सामान की किल्लत से जूझना पड़ सकता है। दरअसल, अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि भारी बारिश के कारण मणिपुर के नोनी जिले में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिससे इम्फाल-सिलचर राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। लैंडस्लाइड के कारण कम से कम 500 मालवाहक वाहन फंसे हुए हैं। नेशनल हाईवे-37 पर इरांग, अवांगखुल, खोंगसांग और रंगखुई गांव के बीच बुधवार को लैंडस्लाइड हुआ।

राज्य के कुछ हिस्सों में लगातार जारी है बारिश

अधिकारियों के मुताबिक, भूस्खलन के बाद सड़क पर आए मलबे को हटाने का काम जारी है। इसमें कुछ दिन का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लैंडस्लाइड हुआ है। बता दें कि जून 2022 में एक रेलवे निर्माण स्थल पर भयंकर लैंडस्लाइड हुआ था, जिसमें 60 से अधिक लोग मारे गए थे। भूस्खलन 30 जून को जिरीबाम-इम्फाल रेलवे लाइन के तुपुल रेलवे यार्ड निर्माण स्थल पर हुआ था। हिंसा प्रभावित राज्य में भूस्खलन के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जहां कई दिनों तक चली सड़क नाकेबंदी ने मालवाहक वाहनों की आवाजाही को प्रभावित किया, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। बता दें कि मणिपुर में 3 मई को शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में हुई हिंसा मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। हाल ही में खत्म हुए संसद के मानसून सत्र में मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था।


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