Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे-उद्धव ठाकरे के बीच 'शिवसेना' को लेकर विवाद में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने इलेक्शन कमीशन के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं।
पवार ने कहा, 'चुनाव आयोग ने वही फैसला दिया है, जो मोदी सरकार चाहती थी। अन्य संस्थाएं भी वही फैसले दे रही हैं, जो सत्ताधारी सरकार की मंशा होती है। आज देश में मोदी के नेतृत्व में काम कर रहे संगठन को लगता है कि सत्ता उनके हाथ में रहेगी।
हमने कभी चुनाव आयोग का ऐसा फैसला नहीं देखा
एनसीपी अध्यक्ष ने कहा, 'चुनाव आयोग ने कुछ दिन पहले एक फैसला दिया था। यह एक उदाहरण है कि कैसे एक संस्था का दुरुपयोग किया जा सकता है। हमने चुनाव आयोग का ऐसा फैसला कभी नहीं देखा। बालासाहेब ठाकरे ने अपने आखिरी दिनों में कहा था कि उनके बाद उद्धव ठाकरे को शिवसेना की जिम्मेदारी दी जाएगी।'
उन्होंने कहा कि कोई चुनाव आयोग से शिकायत करता है। इसके बाद चुनाव आयोग फैसला सुनाता है। आयोग ने इस पार्टी को बनाने वालों में से किसी और को चुनाव चिन्ह और शिवसेना नाम आवंटित कर दिया। यह राजनीति दलों पर सबसे बड़ा हमला है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने से किया इंकार
शिवसेना नाम और निशान विवाद को लेकर बुधवार को उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने कहा कि शिंदे गुट ने चुनाव आयोग के सामने खुद को साबित किया है।
ऐसी स्थिति में हम चुनाव आयोग के आदेश पर रोक नहीं लगा सकते हैं। कोर्ट ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट को नोटिस जारी कर 2 हफ्ते में जवाब मांगा है।
यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट से शिंदे गुट को राहत, शिवसेना पर शिंदे और उद्धव दोनों का पक्ष सुनेंगे CJIऔर पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें