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लोकसभा में भारी हंगामे के बीच टला PM मोदी का भाषण, सदन कल तक के लिए स्थगित

विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन नहीं हो सका. राहुल गांधी को बोलने से रोकने के विरोध में विपक्ष ने सदन की कार्यवाही ठप कर दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था लेकिन विपक्ष के भारी विरोध के कारण उनका भाषण टल गया. जैसे ही शाम 5 बजे कार्यवाही शुरू हुई कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के सांसद तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए. पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने पीपी चौधरी को बोलने का मौका दिया लेकिन शोर इतना ज्यादा था कि कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था. विपक्ष के कड़े रुख को देखते हुए सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा. लगातार तीसरे दिन भी लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी. दिन में आज स्पीकर के साथ संसदीय कार्य मंत्री और अमित शाह की बैठक हुई थी, लेकिन विपक्ष के साथ सहमति नहीं बनी.

लोकसभा में 'किताब' पर महासंग्राम

संसद के भीतर बुधवार को किताबों को लेकर एक अनोखा युद्ध देखने को मिला. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब लेकर सदन पहुंचे और मीडिया के सामने दावा किया कि हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी क्योंकि वे भारतीय सीमा में घुस आए थे. राहुल गांधी के इस कदम पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे 100 किताबें लेकर संसद पहुंच गए और कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास का सच सामने आना चाहिए. इस जुबानी जंग और किताबों की खींचतान ने सदन के माहौल को इतना गरमा दिया कि कामकाज पूरी तरह ठप हो गया.

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अखिलेश और प्रियंका गांधी के तीखे हमले

सदन के बाहर भी सियासी पारा चढ़ा रहा जहां प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी पर डर कर सदन में न आने का आरोप लगाया. वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई नई ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे. अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार चीन को भारतीय बाजार सौंप रही है जबकि चीन हमारी जमीन पहले ही छीन चुका है. विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने के बजाय पुरानी कहानियों में उलझा रही है जबकि देश की अर्थव्यवस्था और सीमा सुरक्षा खतरे में है.

नेहरू और इंदिरा की निंदा पर जताया ऐतराज

सिर्फ लोकसभा ही नहीं बल्कि राज्यसभा में भी विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा. मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने के मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जताई. वहीं पीयूष गोयल द्वारा अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर दिए गए बयान को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई. शाम 5 बजे जब लोकसभा दोबारा शुरू हुई तो विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर केंद्रीय मंत्रियों के पास तक पहुंच गए जिसे देख अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस अभूतपूर्व गतिरोध के कारण अब सबकी नजरें कल होने वाली बैठक पर टिकी हैं.


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