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पाकिस्तान में जन्मे, जीवन हिन्दुस्तान के नाम किया; जानें लाल कृष्ण आडवाणी कैसे बने Bharat Ratna

Lal Krishna Advani Political Career And Achievements: लाल कृष्ण आडवाणी को मोदी सरकार ने भारत रत्न देने का ऐलान किया है, जानें आडवाणी ने कैसे देश की राजनीति में अहम योगदान दिया?

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Lal Krishan Advani

Lal Krishna Advani Bharat Ratna Awardi Profile: पाकिस्तान में जन्मे, लेकिन 14 साल की उम्र में जीवन हिन्दुस्तान के नाम कर दिया था। बंटवारे के वक्त पाकिस्तान छोड़कर परिवार भारत आ गया और फिर RSS से जुड़कर लाल कृष्ण आडवाणी ने अपना देशसेवा का सपना पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए। भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर उसे नेशनल पार्टी बनाया।

आज भारतीय जनता पार्टी भारत देश में जिस मुकान पर है, उसका श्रेय लाल कृष्ण आडवाणी को ही जाता है। देश को राम मंदिर अयोध्या भी लाल कृष्ण आडवाणी के कारण मिला। देश की राजनीति में उनका अहम योगदान देखते हुए ही उन्हें भाजपा की मोदी सरकार ने भारत रत्न देने का ऐलान किया है। आइए जानते हैं लाल कृष्ण आडवाणी के बार में…

 

RSS के सेक्रेटरी बनकर राजनीति में आए

ब्रिटिश इंडिया के कराची में जन्मे लाल कृष्ण आडवाणी में देशभक्ति कूट-कूट भरी थी। इसी जज्बे ने उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। सिर्फ 14 साल के थे, जब उन्होंने मां से कहा कि मैं देशसेवा करूंगा। राजनीति में जाऊंगा, बड़ा नेता बनूंगा। 1947 में भारत-पाक बंटवारे के कारण उनका परिवार भारत आ गया, लेकिन बंटवारे के दर्द को भुलाकर आडवाणी भारतीय बन गए।

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आडवाणी ने भारत देश को अपना मानकर इसे एकसूत्र में पिरोने का संकल्प ले लिया। 1947 में भारत आते ही उन्होंने बतौर सेक्रेटरी RSS जॉइन कर ली और राजस्थान में RSS प्रचारक बनकर काम करने लगे। 1980 में भारतीय जनता पार्टी गठित हुई और वे पार्टी से जुड़ गए। उन्होंने पार्टी को खुद को समर्पित कर दिया। उनका एक ही सपना था, भाजपा मजबूत बने और देश को फिर सोने की चिड़िया बनाए।

 

30 साल सांसद, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री

लाल कृष्ण आडवाणी 1986 से1990 तक, 1993 से 1998 तक और 2004 से 2005 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। पार्टी गठन के बाद सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले पहले नेता लाल कृष्ण आडवाणी ही रहे। 30 साल तक बतौर सांसद लंबी पारी खेली।

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1998 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में गृह मंत्री रहे। 2002 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ही वे उप-प्रधानमंत्री रहे। उनकी मेहनत की बदौलत 1992 में भाजपा ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर करके सरकार बनाई और भाजपा सबसे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी बनकर उभरी।

राम मंदिर अयोध्या आडवाणी की देन

22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 साल के संघर्ष के बाद बने राम मंदिर अयोध्या का देश को समर्पित किया। इस राम मंदिर के बनने का कारण लाल कृष्ण आडवाणी ही बने थे। वे सोमनाथ से राम रथ यात्रा लेकर निकले और राम भक्तों में राम मंदिर की अलख जगाई।

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जेल तक गए, दंगे हुए, रामभक्त मारे गए, लेकिन बाबरी मस्जिद गिराकर ही दम लिया। राम मंदिर की स्थापना कराई। इसके बाद भाजपा ने लगातार राम मंदिर के लिए संघर्ष किया, जिसका ईनाम राम मंदिर अयोध्या के रूप में मिला। आज उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में राम मंदिर बन रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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