RSS New office Keshav Kunj: देश की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) दिल्ली में अपने “मूल पते” पर लौट आया है। पिछले कुछ सालों से झंडेवालान में संघ के पुराने कार्यालय ‘केशव कुंज’ को तोड़कर नया कार्यालय बनाया जा रहा था। इस दौरान RSS ऑफिस को उदासीन आश्रम, आरामबाग में शिफ्ट किया गया था। बता दें कि नए भवन का शिलान्यास नवंबर 2016 में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया था। आइए जानते हैं कैसा है संघ का यह नया कार्यालय और क्या है इसकी खासियत?
1939 में हुई थी शुरुआत
संघ कार्यालय के अतीत की बात करें तो दिल्ली में 1939 में इसके बनने की शुरुआत हुई थी और 80 के दशक के आस-पास दूसरी मंजिल बनकर पूरी तरह तैयार हुई थी। इसका नाम ‘केशव स्मारक समिति’ है। यह कार्यालय 5 लाख स्क्वायर फीट है और यह 4 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें कुल 3 टावर बनाए गए हैं और हर टावर 12 मंजिला है। हर एक फ्लोर पर 7-8 कमरे बनाए गए हैं। इसका मतलब संघ के एक टावर में करीब 80 से 90 कमरे हैं। तीनों टावर को अलग-अलग नाम दिए गए हैं। टावर 1 का नाम साधना, टावर 2 का नाम प्रेरणा और टावर 3 का नाम अर्चना रखा गया है।
भारतीय स्थापत्य कला का नमूना
नवनिर्मित कार्यालय में भारतीय स्थापत्य कला का नमूना अपनाया गया है। इस कार्यालय को बनाने में लगभग 75 हजार लोगों ने दान दिया है। इसको बनाने के लिए 2016 में भूमि पूजन हुआ था और सितंबर 2024 तक इसमें सारा काम-काज शिफ्ट हो गया था। संघ कार्यालय में 4 से 6 हॉल बनाये गए हैं। जिसका नाम अशोक सिंघल सभागार रखा गया है।
टावर 1 में संघ का प्रकाशन विभाग
पहले टावर में RSS के प्रकाशन विभाग, मुखपत्र ऑर्गनाइजर और पाञ्चजन्य का ऑफिस और एक बड़ा सा ऑडिटोरियम है। इसी टावर में संघ के कई अनुसांगिक संगठनों का दफ्तर भी है। इसी में एक फ्लोर विश्व संवाद विभाग का है। विश्व संवाद केंद्र संघ के कई मुद्दों के प्रचार प्रसार का काम देखता है। संघ कार्यालय में पहली बार संघ के प्रचार विभाग के लिए भी अलग से कक्ष भी बनाया गया है, जहां से संघ की जानकारी मिल सकती है। टावर 1 में दिल्ली प्रदेश का कार्यलय भी बनाया गया है। इसमें 10वीं मंजिल पर वाचनालय बनाया गया है, जहां अध्ययन की व्यवस्था है। यहां 8 हजार 500 पुस्तकें हैं। एक 5 बेड का छोटा सा अस्पताल भी बनाया गया है। 9वें फ्लोर पर पत्रकार परिषद की व्यवस्था है।
वहीं, टावर 02 में संघ से जुड़े पदाधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है तो टावर 03 में 80 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसमें संघ स्थान भी बनाया गया है, जहां से संघ की शाखा चलाई जाएगी। संघ के भोजनालय में एक साथ 80 लोगों के लिए चेयर पर बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की गई है। बता दें कि इस कार्यालय को करीब 150 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
200 कारों के लिए पार्किंग की जगह
नए कार्यालय में एक ही समय में 200 कारों के लिए पर्याप्त पार्किंग की जगह है। पुराने कार्यालय में पार्किंग की दिक्कत होती थी। बिल्डिंग पर सोलर पैनल लगाए हए हैं ताकि कार्यालय की जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन हो सके। संघ कार्यालय में सुरक्षा का भी खास बंदोबस्त किया गया है। कार्यालय के सभी गेटों के अलावा चारों कोनों पर सुरक्षा चौकियां बनाई गई हैं। संघ कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के पास है।
संबंधित खबरें
Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर को होगा शारदीय नवरात्रि का आरंभ, जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
1 hr agoAaj Ka Rashifal: आज सोमवार के दिन इन 5 राशियों को मिलेगा धनलाभ, पढ़ें 5 अक्टूबर 2026 का राशिफल
2 hrs agoSIR: 13.39 करोड़ नाम बाहर, वो कौन लोग है जिनके नाम कटे, क्या विशेष अभियान के बाद बदलेंगे आंकड़े?
11 hrs ago'वोटिंग का अधिकार छीनना सही नहीं…' SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जज भुइंया का बड़ा बयान
12 hrs ago'नेतृत्व के फैसले का सम्मान करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी', कोयल मल्लिक को राज्यसभा की टिकट मिलने पर अग्निमित्रा पॉल का बड़ा बयान
12 hrs ago'फुटबॉल की तरह उठाकर फेंक रहे…', CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, हिरासत में कई AAP लीडर
14 hrs agoइन 3 खिलाड़ियों का दोबारा वनडे फॉर्मेट खेलना हुआ मुश्किल, वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए फ्लॉप
15 hrs agoपाकिस्तान में PTI ने ठुकराई शहबाज सरकार की कौन सी शर्त? अब आर-पार की लड़ाई पर पहुंची बात
15 hrs agoफ्लाईदुबई के प्लेन को हादसे से बचाने वाले रहस्यमयी फरिश्ते कौन थे? यात्रियों ने बताई आपबीती
16 hrs agoकौन हैं एक्ट्रेस कोयल मल्लिक? जो ममता बनर्जी की थीं करीबी, अब BJP ने राज्यसभा से दिया टिकट
18 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines