दीपक दुबे, नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट से केरल के सीएम पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन को झटका लगा है। हाई कोर्ट ने वीणा विजयन से जुड़ी आईटी फर्म एक्सालॉजिक (Exalogic) की गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा की जा रही जांच पर रोक लगाने से किया इनकार कर दिया है। अवैध भुगतान के मामले में फर्म जांच के दायरे में है। वहीं, एसएफआईओ ने इस मामले में चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में वीणा विजयन का नाम भी शामिल है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
केरल हाई कोर्ट द्वारा विजिलेंस एवं एंटी करप्शन डिपार्टमेंट द्वारा जांच की मांग की जाने वाली दो याचिकाओं को खारिज करने के एक सप्ताह बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी गुरुवार को खनन फर्म की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें चल रही एसएफआईओ जांच पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इससे पहले फर्म ने केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की जांच विजिलेंस या एंटी करप्शन डिपार्टमेंट द्वारा की जाने की मांग की थी, जिसे केरल हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। खनन फर्म पर आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन की आईटी फर्म एक्सालॉजिक को कोच्चि स्थित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से खनन मंजूरी के लिए मासिक रिश्वत मिलती थी।
चार्जशीट में गंभीर आरोप शामिल
गुरुवार को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने सीएमआरएल भुगतान मामले में वीणा विजयन के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन (अभियोजन) कार्यवाही को अधिकृत किया। यह निर्णय गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के बाद लिया गया है, जिसमें एक्सालॉजिक, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था, सीएमआरएल और एक संबंधित सहयोगी कंपनी का भी नाम है। जांच में पता चला कि वीणा विजयन ने बिना कोई सेवा दिए कथित तौर पर 2.70 करोड़ रुपये प्राप्त किए। एसएफआईओ की रिपोर्ट ने सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच लेन-देन में अनियमितताओं को उजागर किया, जो प्रॉसिक्यूशन स्वीकृति का आधार बना। चार्जशीट में गंभीर आरोप शामिल हैं, जिनमें लागू धाराओं के तहत आरोपी को 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
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क्या है मामला?
वीणा ने 2014 से 2022 के अंत तक एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक व्यक्ति आधारित सॉफ्टवेयर कंपनी चलाई। कोचीन मिनरल रूटाइल लिमिटेड पर आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी के दौरान आयकर अंतरिम निपटान बोर्ड (आईटीएसबी) को पता चला कि कंपनी ने एक्सालॉजिक को ऐसी सेवाओं के लिए 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जो सेवाएं दी ही नहीं गई थीं। बता दें कि कोचीन मिनरल रूटाइल लिमिटेड में केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम की 13% हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक है। आईटीएसबी को शुरुआत में पता चला था कि सीएमआरएल ने लगभग 135 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन किए थे। इन लेनदेन में एक्सालॉजिक को 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान शामिल था।
भाजपा ने सीएम विजयन का मांगा इस्तीफा
वहीं, इस मामले में भाजपा नेता और केरल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सीएम पिनाराई विजयन का इस्तीफा मांगा हैं। राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'सीएम पिनाराई विजयन को इस्तीफा दे देना चाहिए। एसएफआईओ ने उनकी बेटी वीणा विजयन के खिलाफ रिश्वत मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है, जिससे शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की यह राजनीति खत्म होनी चाहिए ताकि विकास के सपने को साकार किया जा सके।'