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झारखंड में बड़ा हत्याकांड, दुमका में मिले परिवार के 4 सदस्यों के शव

Jharkhand Family Murder Suicide: झारखंड में शख्स ने पत्नी-बच्चों की हत्या करके फंदा लगाकर सुसाइड कर ली. चारों के शव घर और खेतों में मिले. पिता का कहना है कि गरीबी और बेटे की बीमारी से तंग आकर 3 हत्याएं करके सुसाइड की गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

Credit- News 24 GFX

Jharkhand Family Murder: झारखंड के दुमका जिले के भागलपुर शहर में बड़ा हत्याकांड हुआ है. परिवार के 4 सदस्यों के शव मिले हैं. मृतकों में पति-पत्नी और 2 बच्चे शामिल हैं. महिला और दोनों बच्चों के शव घर में मिले, वहीं शख्स का शव घर से दूर खेतों में मिला. ग्रामीणों ने शख्स का शव देखकर पुलिस को बताया. पुलिस ने मौके पर आकर शव को कब्जे में ले लिया और मृतक के घर पहुंची तो वहां 3 और शव मिले.

पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है. जिले के सरैयाहाट प्रखंड के हंसडीहा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले बरदेही गांव में हत्याकांड हुआ है. पुलिस के अनुसार, पहली नजर में हत्या करके बाद सुसाइड का मामला लग रहा है. शख्स ने पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या करके खेतों में जाकर फंदा लगा लिया. चारों मृतकों के गले पर काले रंग का निशान मिला है, जिससे जहर खाने का भी अंदेशा है.

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मृतक के पिता ने दिया पुलिस को बयान

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 30 साल के वीरेंद्र माझी, 24 साल की आरती कुमारी, 4 साल की बेटी रूही और 2 साल के बेटे विराज के रूप में हुई है. मृतक के पिता मनोज मांझी ने पुलिस को बयान दिया है और उन्होंने जिंदा होने के शक में वीरेंद्र का शव पुलिस के आने से पहले फंदे से उतार लिया है. मनोज ने अपने बयान में बीमारी और गरीबी से तंग आकर हत्या और सुसाइड करने की बात कही है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच करेगी.

मनोज मांझी ने बताया है कि 6 साल पहले वीरेंद्र की शादी देवघर जिले के गांव पालोजोरी की बेटी आरती से हुई थी. वीरेंद्र का 2 साल का बेटा विराज दिल की बीमारी से ग्रस्त था और काफी बीमार था. इलाज कराने के लिए ज्यादा पैसे नहीं थे, लेकिन फिर भी इलाज कराया जा रहा था, जिसके चलते आर्थिक तंग थी. विराज की बीमारी के कारण अकसर वीरेंद्र और आरती में नोंक-झोक होती थी. इसके चलते आरती कुछ दिन दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी.

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शाम को झगड़ा, रात को हत्या सुसाइड

मनोज ने बताया कि बीते दिन ही वीरेंद्र तीनों को लेकर वापस आया था. शाम को वीरेंद्र और आरती में फिर झगड़ा हो गया, लेकिन उसने बीच-बचाव करके मामला सुलझा दिया. रविवार सुबह उठा और घर में हलचल नहीं देखी तो वीरेंद्र के कमरे में गया, जहां आरती और दोनों बच्चों के शव पड़े थे. वीरेंद्र को तलाशते हुए बाहर गया तो खेतों में वीरेंद्र का शव लटकने की खबर मिली. वीरेंद्र ने बीमारी और गरीबी से तंग आकर ही इतना बड़ा कदम उठाया है.


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