पहलगाम हमले को लेकर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, लश्कर का आतंकी गिरफ्तार
Author: News24 हिंदी
Sep 24, 2025 11:12 PM IST
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर फायरिंग की थी. इसके बाद से सुरक्षा बलों द्वारा कई तरह के ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. अब इस मामले में बड़ी कामयाबी मिली है. पहलगाम हमले के दौरान आतंकियों की मदद करने वाले लश्कर के आतंकी की गिरफ्तार हुई है.
सुरक्षाबलों ने इसे दो दिन पहले ही हिरासत में लिया था, उससे पूछताछ की गई और फिर अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. लश्कर के इस आतंकी का नाम मोहम्मद यूसुफ कटारी बताया जा रहा है. कटारी कुलगाम का रहने वाला है. इस पर आतंकियों की मदद करने का आरोप है.
ओवरग्राउंड वर्कर हैं गिरफ्तार आतंकी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीनगर पुलिस ने दक्षिण कश्मीर से एक आतंकवादी ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान कुलगाम निवासी मोहम्मद यूसुफ कटारी के रूप में हुई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसने पहलगाम में पर्यटकों पर बैसरन हमले के लिए आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान करने में भूमिका निभाई थी.
बता दें कि इस साल की शुरुआत में 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के दौरान बैसरन पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकवादी मारे गए थे. इस बीच, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में एक आतंकवादी ठिकाने का भी पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि कुलगाम जिले के ब्रिनल वन क्षेत्र में आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया. ठिकाने को विस्फोट से उड़ा दिया गया और एक गैस सिलेंडर सहित अन्य सामग्री बरामद की गई. सेना के अनुसार, इलाके में तलाशी जारी है.
क्या बोली जम्मू कश्मीर पुलिस?
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि उसने कुलगाम से एक आतंकवादी सहयोगी, ओवरग्राउंड वर्कर को गिरफ्तार किया है, जिसने ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान की थी. अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर पुलिस ने दक्षिण कश्मीर से एक ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान कुलगाम निवासी मोहम्मद यूसुफ कटारी (26) के रूप में हुई है. ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान करने में उसकी भूमिका थी.
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गौरतलब है कि ऑपरेशन महादेव 28 जुलाई, 2025 को हुआ था, जब सेना और पुलिस सहित सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के लिडवास इलाके में एक आतंकवाद-रोधी अभियान चलाया था. इस अभियान के परिणामस्वरूप लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के तीन आतंकवादियों का सफाया हुआ, जिनकी पहचान सुलेमान, अफगान और जिबरान के रूप में हुई, जो 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल थे.