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हिजबुल के खूंखार आतंकी, अंधाधुंध फायरिंग, ग्रेनेड अटैक…देखिए कैसे जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना ने ढेर किए 4 दहशतगर्द?

Terrorist Encounter: भारतीय सेना के जवानों ने एनकाउंटर करके 5 आतंकियों को ढेर कर दिया है, जिनमें से 4 के शव बरामद हुए हैं। वहीं देश ने अपने 2 जवान भी खोए हैं। एनकाउंटर जम्मू कश्मीर के कुलगाम में हुआ, आइए जानते हैं कि ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया गया?

ड्रोन कैमरे में नजर आए चारों आतंकियों के शव।
Jammu Kashmir Kulgam Terrorist Encounter: जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच बीते दिन अच्छी खासी मुठभेड़ हुई। एनकाउंटर में भारतीय जवानों ने 5 आतंकियों को ढेर कर दिया है और सेना के 2 जवान भी बलिदान हुए हैं। 4 आतंकियों की लाशें ड्रोन कैमरे में कैप्चर हुईं। चारों शव एक ही जगह पर पड़े मिले। मारे गए आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन संगठन के बताए जा रहे हैं। मरने वालों में डीविजन कमांडर फारूक नल्ली भी शामिल है। वहीं सेना के जो 2 जवान बलिदान हुए हैं, उनकी शिनाख्त लांस नायक प्रदीप नैन और हवलदार राज कुमार के रूप में हुई है। कुलगाम में 2 जगह मोदरगाम और चिन्नीगाम में शनिवार को दिनभर मुठभेड़ चलती है। आतंकियों की शिनाख्त नहीं हुई है।  

आतंकियों ने पहले जवानों पर हमला किया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बलों और सेना के जवानों को मुखबिर से कुछ आतंकियों के गांव में छिपे होने की खबर मिली। जानकारी मिलते ही जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया। लोगों को घरों के अंदर रहने को कहा गया और फिर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन रहा। सर्च के दौरान आतंकियों ने सेना के जवानों पर पहले अंधाधुंध फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई की गई तो आतंकियों ने ग्रेनेड फेंकने शुरू कर दिए। इसी ग्रेनेड अटैक में सेना के जवान घायल हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से प्रदीप और राज कुमार को बचाया नहीं जा सका। एक एनकाउंटर यारीपोरा के साथ सटे चिन्नीगाम में हुआ। दूसरा एनकाउंटर कुलगाम जिला मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूर मोदरगाम में हुआ। सुबह शुरू हुआ एनकाउंटर शाम को खत्म हुआ। यह भी पढ़ें:दोनों पैर कटे, 7 घंटे दर्द से तड़पता रहा…फिर भी नक्लसलियों से लड़ा जांबाज, पढ़ें शौर्य चक्र विजेता की बहादुरी की कहानी

हिजबुल का डिविजनल कमांडर छिपा था

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वीके बिरधी ने बताया कि मुखबिरों ने गुप्त सूचना दी थी। मिली जानकारी के अनुसार, हिजबुल मुजाहिदीन का डिविजनल कमांडर फारूक अहमद बट उर्फ नल्ली अपने आतंकियों को लेकर गांव में छिपा हुआ है। वे आतंकी हमला करने की फिराक में हैं। इसके बाद सुरक्षाबलों में चिन्नीगाम को घेर लिया। रास्ते ब्लॉक करके लोगों के घरों में बंद किया। गांव में भी जिस जगह आतंकियों के छिपने की खबर मिली, वहां सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आतंकी एक बगीचे में बने मकान में छिपे थे तो सुरक्षाबलों ने उसे घेर लिया। जवानों को देखकर आतंकियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने गोलियां चलाई। आतंकियों ने ग्रेनेड भी फेंके। इस बीच जवानों ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। आतंकियों को सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन वे नहीं माने। शाम तक चली अंधाधुंध फायरिंग में 4 आतंकियों को ढेर किया गया। एक आतंकी के फंसे होने की खबर है, जिसके लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ड्रोन फुटेज में मकान के बाहर 4 लाशें नजर आईं। वहीं जब आतंकियों ने घेरा तोड़कर भागने का प्रयास किया तो उनके द्वारा फेंके गए ग्रेनेड की चपेट में सेना के जवान आए। घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह भी पढ़ें:सावन में हरिद्वार जाएं तो ये खबर पढ़कर निकलें; कई रास्ते बंद और रूट भी डायवर्ट, जानें क्या रहेगी ट्रैफिक एडवाइजरी?


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