Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भगवान राम केवल हिंदुओं के भगवान नहीं हैं, बल्कि वे उन सभी के भगवान हैं जो उनमें विश्वास रखते हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।
गुरुवार को उधमपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में बने रहने के लिए केवल राम के नाम का उपयोग करती है, लेकिन राम अकेले हिंदुओं के भगवान नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम केवल हिंदुओं के भगवान हैं, कृपया इस धारणा को अपने दिमाग से निकाल दें। भगवान राम सभी के भगवान हैं, फिर चाहे वह मुस्लिम हों या ईसाई या अमेरिकी या रूसी। उन्होंने कहा कि जो लोग आपके पास यह कहते हुए आते हैं कि हम केवल राम के शिष्य हैं, वे मूर्ख हैं। वे राम के नाम पर बेचना चाहते हैं। उन्हें राम से नहीं बल्कि सत्ता से प्यार है।
फारूख अब्दुल्ला ने राम मंदिर और चुनाव को लेकर किया ये दावा
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे लगता है कि जब जम्मू-कश्मीर में चुनावों की घोषणा होगी तो वे आम आदमी का ध्यान हटाने के लिए राम मंदिर का उद्घाटन करेंगे, इसलिए मैं आपसे अपील करता हूं कि लोगों के बीच जाएं और उनसे नफरत के प्रचार को रोकने के लिए कहें।
बता दें कि इससे पहले नवंबर में अब्दुल्ला ने भी यही टिप्पणी की थी और कहा था, 'भगवान राम सभी के हैं, सिर्फ हिंदुओं के नहीं।' गैर-बीजेपी दलों के बीच एकता पर उन्होंने कहा कि हमारी एकता में कोई बाधा नहीं होगी। चाहे वह कांग्रेस हो, नेकां, या पैंथर्स। हम लोगों के लिए लड़ेंगे और मरेंगे। लेकिन हम सभी एकजुट रहेंगे।"
ईवीएम को लेकर भी अब्दुल्ला ने उठाए सवाल
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर भी फारूख अब्दुल्ला ने सवाल उठाए और लोगों से इसके इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहने को कहा। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव से पहले धार्मिक ध्रुवीकरण के खिलाफ भी लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा, "वे चुनाव के दौरान 'हिंदू खतरे में हैं' का खूब इस्तेमाल करेंगे... लेकिन मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इसका शिकार न हों।"