इंडिगो एयरलाइन के खिलाफ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया है. विंटर सेशन के लिए एयरलाइन के फ्लाइट शेड्यूल में 5 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है. इंडिगो वर्तमान में 2200 से ज्यादा उड़ानों का संचालन कर रही है, लेकिन मंत्रालय ने अब एयरलाइन के स्लॉट दूसरी एयरलाइंस को देने का फैसला किया है. मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस के साथ रिव्यू मीटिंग करके यह फैसला किया है, ताकि भविष्य में ऐसा संकट किसी और एयरलाइन के सामने खड़ा न हो.
DGCA ने रिव्यू मीटिंग के बाद लिया फैसला
बता दें कि बीती शाम नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने DGCA के साथ बैठक की थी, जिसमें इंडिगो एयरलाइन की तरफ से दिए गए जवाब की समीक्षा की गई थी. साथ ही एयरलाइन के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, इस पर भी चर्चा की गई थी. आज DGCA ने एयरलाइन के रूटों में कटौती कर दी. अब एयरलाइन के जो स्लॉट काटे जाएंगे, वे दूसरी एयरलाइंस को बांटे जाएंगे. वहीं निर्देश है कि FDTL पर पूरी तरह तैयार होने के बाद ही एयरलाइन को रूट वापस किए जाएंगे.
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10 अधिकारियों की टीम कर रही है जांच
बता दें कि एयरलाइन की गलतियों और कमियों के कारण गहराए संकट की जांच 10 अधिकारियों की टीम कर रही है. सरकार ने इन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एयरपोर्ट पर जाकर हालातों का जायजा लें और रिपोर्ट दें. जब तक हालात सामान्य न हो जाएं, तब तक अधिकारियों की पैनी नजर एयरलाइन की वर्किंग पर रहेगी. एयरपोर्ट पर यात्रियों को होने वाली समस्याओं पर रहेगी. वहीं DGCA की 4 सदस्यों की जांच समिति इंडिगो एयरलाइन के CEO से भी पूछताछ कर सकती है.
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एयरलाइन ने सरकार को भेजा स्पष्टीकरण
बता दें कि एयरलाइन ने 745 करोड़ रुपये का रिफंड दे दिया है. 9000 बैगों में से 6000 बैग उनके मालिकों को सौंपे जा चुके हैं. फ्लाइट कैंसिल होने से हुई परेशानी के लिए एयरलाइन ने यात्रियों से माफी भी मांगी है. सरकार को भी स्पष्टीकरण दे दिया है, जिसमें खराब मौसम. तकनीकी दिक्कतों और FTDA के नियम को संकट की वजह बताया गया है. 8वें दिन भी उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला जारी है और सुबह से 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं, जिसका रिफंड भी किया जाएगा.
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