AI समिट में हंगामा करने के मामले में गिरफ्तार हुए यूथ कांग्रेस के 4 कार्यकर्ताओं को पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. चारों आरोपियों की बेल याचिका खारिज कर दी गई. कोर्ट के इस फैसले पर आरोपी पक्ष के वकील रुपेश सिंह ने ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी का कारण चाहे जो भी हो, लेकिन सात साल से कम की सजा के मामलों में पुलिस रिमांड की इजाजत नहीं है. रुपेश सिंह ने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार वही कर रहे हैं जो वो हमेशा से करते आए हैं, इसमें कुछ भी नया नहीं है. उन्होंने कहा कि वो फिर से कानूनी रास्ता अपनाएंगे. वकील रुपेश सिंह ने कहा कि ये भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों का एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन था, बीजेपी इसे राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है. रुपेश सिंह ने कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्होंने अभी तक एफआईआर की कॉपी भी नहीं दी है. उन्होंने कहा कि ये ज्यादा दिन नहीं चलेगा क्योंकि इसमें तथ्यों की कमी है.
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि ये प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध नहीं था. पुलिस के मुताबिक, इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था. दिल्ली पुलिस ने कहा कि यूथ कांग्रेस का ये प्रदर्शन नेपाल के जेन-जी आंदोलन से प्रेरित था. पुलिस ने ये भी दावा किया कि इस प्रदर्शन की पहले से योजना बनाई गई थी और इसके लिए सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के जरिए संपर्क किया गया. पुलिस ने आरोपियों की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि मोबाइल डेटा और बाकी डिजिटल सबूतों की जांच जरूरी है, ताकि ये पता चल सके कि इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं. यूथ कांग्रेस ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है. संगठन का कहना है कि ये एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध था. उनका दावा है कि युवाओं ने बेरोजगारी और सरकारी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई. यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इसे साजिश बताना गलत है और सरकार विरोध की आवाज को दबाना चाहती है.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI समिट के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. दिल्ली पुलिस ने मौके पर तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. इनमें कृष्णा हरि इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव,बिहार प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार और राष्ट्रीय समन्वयक नरसिम्हा यादव का नाम शामिल है. इसे लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को जमकर घेरा. बीजेपी ने इसे राष्ट्रविरोधी और शर्मनाक बताया. शनिवार को कई जगह बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस-BJP की झड़प
मध्य प्रदेश के इंदौर में बीजेपी के कार्यकर्ता यूथ कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी होने लगी. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस तैनात की गई. पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारी फिर भी नहीं माने तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के ऊपर पानी की बौछार की. पुडुचेरी में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. मामला शांत करवाने के लिए पुलिस को बीच में आना पड़ा.
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