अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पोस्ट-डॉक्टरेट फेलो भारतीय छात्र बदर खान सूरी को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फेडरल एजेंट्स ने उन्हें गिरफ्तार किया और अब बदर को इंडिया डिपोर्ट करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। बदर पर फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास का समर्थन करने और उसके समर्थन में प्रोपेगेंडा चलाने का आरोप लगा है।
बदर खान के वकील हसन अहमद ने जानकारी दी कि बदर को वर्जिनिया में उनके घर से डिटेन किया गया। नकाबपोश एजेंट उन्हें गिरफ्तार करने आए थे, जिन्होंने खुद को होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अधिकारी बताया। उन्होंने बताया कि बदर खान को गिरफ्तार कर रहे हैं और उनका वीजा रद्द कर दिया गया है। जल्दी ही इन्हें वापस इंडिया डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
कौन हैं बदर खान सूरी?
बदर खान वाशिंगटन डीसी के जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के स्टूडेंट हैं। एडमंड ए वॉल्श स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस में पोस्ट डॉक्टरल फेलो हैं। स्कूल के अलवलीद बिन तलाल सेंटर फॉर मुस्लिम-क्रिश्चियन अंडरस्टैंडिंग में फेलो हैं। बदर ने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया के स्टूडेंट हैं।
उन्होंने नेल्सन मंडेला सेंटर फॉर पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट रिजोल्यूशन से पीस एंड कॉन्फलिक्ट स्टडीज में साल 2020 में PHD की थी। बता दें कि इससे पहले इंडियन स्टूडेंट रंजनी श्रीनिवासन पर ऐसे ही आरोप लगे थे। हालांकि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था, लेकिन रंजनी ने चुपचाप अमेरिका ने छोड़ दिया। उसने खुद को निर्वासित घोषित किया और कनाडा चली गई।
बदर पर लगा हमास के समर्थन का आरोप
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बदर खान सूरी के वकील हसन अहमद ने बताया कि उनकी रिहाई के लिए याचिका दायर की गई है। उनकी गिरफ्तारी का असली कारण उनकी पत्नी का फिलिस्तीनी होना बताया गया है, जो अब अमेरिका की नागरिक है। ट्रंप सरकार को शक है कि बदर सूरी और उनकी पत्नी इजरायल के प्रति अमेरिका के रुख का विरोध करते हैं। सूरी और उनकी पत्नी पर फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास का प्रचार करने का आरोप लगाया गया।
यहूदी-विरोधी विचारधाराओं के प्रचार का आरोप
बता दें कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की सहायक सचिव ट्रिशिया मैक्लॉघलिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मामले को लेकर एक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने बताया कि बदर खान सूरी जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट थे, लेकिन वे हमास के समर्थन में थे। वे सोशल मीडिया पर यहूदी-विरोधी विचारधाराओं का प्रचार कर रहे थे। अमेरिका के विदेश मंत्री द्वारा 15 मार्च 2025 को एक आदेश जारी किया गया। इसके अनुसार, सूरी के संदिग्ध आतंकवादी से गहरे संबंध है, जो आतंकी संगठन हमास का वरिष्ठ सलाहकार है। इस आदेश में बदर खान को INA की धारा 237(ए)(4)(सी)(आई) के तहत निर्वासन के योग्य बताया गया है।
संबंधित खबरें
सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा राज्यों को अतिरिक्त सेल्स टैक्स लगाने का अधिकार
10 mins agoक्या भारत में तिरंगे के साथ फहरा सकते हैं दूसरा झंडा? जानें नियम और शर्तें
47 mins agoआंध्र प्रदेश के निकाय चुनाव में NDA की बड़ी जीत, YSR कांग्रेस को झटका
1 hr agoटोल टैक्स को लेकर NHAI का नया नियम, भविष्य में हाईवे पर नहीं लगेगा जाम
2 hrs agoश्रीनगर में भीषण आग का तांडव, 80 झुग्गियां जलकर खाक; दो की मौत
3 hrs agoदुष्कर्म का आरोपी जज पॉक्सो केस की कैसे कर सकता सुनवाई? SC ने लिया संज्ञान
3 hrs agoक्या 10वीं के बोर्ड एग्जाम में फेल होने से बचाएगा AI? जानिए CBSE का नया रूल
3 hrs agoपंचकूला स्कूल कांड में बड़ा खुलासा, आरोपी की मेंटल हेल्थ रिपोर्ट आई सामने
4 hrs agoगुवाहाटी होटल गोलीकांड का मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर
5 hrs agoSIR को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, फॉर्म-6 से हटाया गया एक और कॉलम
5 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines