Indian Delegation Expose Pakistan: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारत ने आतंकवाद के मुद्दे को दुनिया के सामने लाने का अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए भारत ने 7 डेलीगेशन का गठन किया, जिसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन भी शामिल हैं। ओवैसी भाजपा नेता बैजयंत पांडा के मंडल का हिस्सा हैं। यह प्रतिनिधिमंडल दोहा, कतर और कुवैत के दौरे पर है। इस डेलीगेशन में बैजयंत पांडा के अलावा, असदुद्दीन ओवैसी की अहम भूमिका है। उन्होंने हाल ही में कुवैत और बहरीन में पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन और झूठे दावों के लिए करारा जवाब देते हुए पाकिस्तानियों की तुलना जोकर से कर दी है। आइए जानते हैं पूरी बात।

क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी?

असदुद्दीन ओवैसी ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक विफलताओं की पोल खोली, बल्कि तुर्की की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। ओवैसी के तीखे शब्दों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सख्त स्थिति को और भी स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर तंज करते हुए कहा कि "नकल करने के लिए भी अक्ल चाहिए"।

असीम मुनीर निशाने पर

कुवैत में आयोजित एक कार्यक्रम में AIMIM सांसद ओवैसी ने पाकिस्तान की सेना और खासकर जनरल असीम मुनीर पर निशाना साधते हुए कहा- मुनीर "so-called फील्ड मार्शल" है।

नकल के लिए भी चाहिए अकल

दरअसल, ओवैसी ने शहबाज को मुनीर द्वारा तस्वीर तोहफे में दिए जाने पर कहा कि पाकिस्तानियों को नकल करनी भी नहीं आती, क्योंकि नकल करने के लिए भी अक्ल की जरूरत होती है। असीम मुनीर ने शहबाज शरीफ को इस लड़ाई की तस्वीर तोहफे में दी, जबकि वह तस्वीर 2019 की चीनी युद्धाभ्यास की निकली।

पाकिस्तान के दावों की उड़ाई धज्जियां

बहरीन में ओवैसी ने पाकिस्तान के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें वह खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है। उन्होंने दो टूक कहा कि "आतंकवाद की शुरुआत ही पाकिस्तान से होती है। अगर वहां की सरकार और सेना इन्हें संरक्षण देना बंद कर दे, तो यह खत्म हो सकता है।

तुर्की पर भी साधा निशाना

ओवैसी ने पाकिस्तान के समर्थन में खड़े तुर्की पर भी सवाल उठाते हुए कहा- अगर तुर्की आतंकवाद के खिलाफ है, तो एर्दोगन ये बताएं कि वे अपने ही कुर्द नागरिकों पर बम क्यों गिराते हैं? ये भी पढ़ें- विदेश में पाकिस्तान बेनकाब, अलग-अलग देशों में पहुंचा भारतीय डेलीगेशन