Army Chief General Manoj Pandey (पवन मिश्रा, नई दिल्ली): सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि साल 2027 तक सेना में ऑप्टिमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होगी। जिसके बाद सेना में करीब एक लाख लोग कम हों जाएगे। मीडिया को बयान देते हुए आर्मी चीफ ने आगे कहा कि चीन LAC उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर है, लेकिन फिर भी हम मान रहे हैं कि यह मुद्दा संवेदनशील है और आर्मी इस पर पैनी नजर बनाए हुए है। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने बताया कि में सेना के अंदर एनिमल ट्रांसपोर्ट कम कर दिया गया है, अब उसकी जगह ड्रोन ने ली है। आर्मी चीफ ने कहा कि Agnipath के तहत आए अग्निवीर के दो बैच फील्ड में तैनात कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अग्निवीरों पर जो फीडबैक है वह उत्साहजनक है।
नीचे वीडियो पर क्लिक कर देखें आर्मी चीफ की प्रेस वार्ता
लखनऊ में पहली बार 76 वें सेना दिवस परेड का आयोजन
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस साल 15 जनवरी को लखनऊ में पहली बार 76 वें सेना दिवस परेड का आयोजन किया जाएगा। लेकिन इससे पहले कई कार्यक्रम होंगे। ये सभी कार्यक्रम आम जनता के आने जाने लिए खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को सैन्य बैंड संगीत कार्यक्रम होगा। इस दौरान सेना दिवस परेड की रिहर्सल और शौर्य संध्या कार्यक्रम होगा।
जम्मू कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट के संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर
जम्मू कश्मीर के मसले पर सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि, जम्मू कश्मीर से सटे बॉर्डर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। उनका कहना था कि राजौरी, पूंछ आदि इलाकों में विशेष तौर पर आतंकियों के गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इन संवेदनशील इलाकों में सेना स्थानीय पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय बनाकर काम कर रही है। इसके अलावा एक साल के साल अंदर नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में हिंसा और अन्य मसलों पर काफी बारीकी से काम किया गया है, जिससे बेहतर परिणाम मिले हैं।
आर्मी चीफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की यह बातें भी जानें
- सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि सेना ड्रोन टेक्नोलॉजी और एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का बेहतर तरीके से प्रयोग कर रही है।
- सेना में 120 महिला अधिकारी तैनात की गई, जो बेहतर तरीके से अपना कर्तव्य निभा रही हैं।
- सेना HR पॉलिसी और अग्निवीर योजना पर काम कर रही है।
- अग्निवीर बहुत ही बेहतर और ऊर्जावान तरीके से काम कर रहे हैं।
- युवा जवानों की भर्ती प्रक्रिया में काफी सकारात्मक तरीके से बदलाव और बेहतर किए।
- साइबर सिक्योरिटी विंग सभी कमांड हेडक्वॉर्टर में होगी।
- टेरिटोरियल आर्मी में हम साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट भी शामिल करेंगे।
सेना प्रमुख ने म्यांमार की स्थिति पर जताई चिंता
सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने म्यांमार की स्थिति पर कहा कि वहां की स्थिति हमारे लिए चिंता का विषय है। हम करीब से उस पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि म्यांमार सेना के 416 जवान सीमा पार कर चुके हैं। इसके अलावा पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने अग्निपथ को लेकर अपनी किताब में जो लिखा है उस पर आर्मी चीफ ने कहा कि यूनिट से पॉजिटिव फीडबैक है। उन्होंने जो कहा उस पर मेरा कुछ कहना ठीक नहीं। लेकिन अग्निपथ का फाइनल स्ट्रक्चर पूरी चर्चा के बाद सामने आया, सबकी बातों को ध्यान में रखा गया। आगे परिवर्तनकारी मानव संसाधन पहल योजना के बारे में बताते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि यह परियोजना न केवल हर साल सेवानिवृत्त होने वाले 62,000 से अधिक भारतीय सेना के सैनिकों के लिए उत्पादक और उपयोगी रोजगार का मंच तैयार करेगी, बल्कि हमारे दिग्गजों के कौशल और रोजगार को भी सशक्त बनाएगी।
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