Indian Army Atharva Tank Features: एक और पाकिस्तान की नापाक हरकतें, दूसरी ओर चीन से विवाद के चलते भारतीय सेना हरसमय किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहती है। इसी कड़ी में भारतीय सेना आए दिन अपनी ताकत बढ़ाने में भी लगी हुई है। बुधवार को भारतीय नौसना (Indian Navy) ने अपनी ताकत बढ़ाते हुए देश में ही बने ड्रोन को अपने बेड़े में शामिल किया। अब भारतीय सेना (Indian Army) एक हाइब्रिड टैंक को अपने बेड़े का हिस्सा बनाकर दुश्मनों के धूल चटाने को तैयार है। नाम है अथर्व (Atharva), जो जल्दी ही भारतीय सेना की ताकत बन जाएगा। लॉन्चिंग से पहले जानते हैं इस टैंक की खूबियों के बारे में...
2 टैंकों के मिक्सचर टैंक में 3 नए फीचर्स
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अथर्व को देश में ही बनाया गया है। यह एक हाइब्रिड टैंक है, जिसमें अब से पहले बने टैंकों में शामिल फीचर्स से ज्यादा फीचर्स मिलेंगे। इसमें 3 नए फीचर्स एड किए गए हैं, यानी यह टैंक मिसाइल दागने में सक्षम है। इसमें ऑटोमेटिक एंटी-एयरक्राफ्ट गन लगी है। अथर्व (Atharva) में कमांडर की फायरिंग फैसिलिटी की सुविधा भी इसमें मिलेगी। T-90 भीष्म की नली (Turret) और T-72 की बॉडी का मिक्सचर से इसे फौलाद बनाया गया है। हालांकि यह टैंक T-72 से बड़ा और T-90 भीष्म से छोटा है, लेकिन इसमें दोनों के मुकाबले कई नए फीचर्स हैं।
रफ्तार और वजन भी सबसे ज्यादा
पिछले एक साल से अथर्व (Atharva) ट्रायल पर था। अब इसे भारतीय रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मंजूरी मिलने के बाद सेना का हिस्सा बनाया जा रहा है। टैंक में 780HP का इंजन है। T-72 टैंक में भी इतनी ही पॉवर कर इंजन है। टैंक का वजन 21.5 टन है। T-72 का वजन 17.8 टन और T-90 का वजन 17.3 है। अथर्व 57 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से युद्धक्षेत्र में दौड़ सकता है। T-72 की रफ्तार 48 किलोमीटर प्रति घंटा और T-90 टैंक 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ता है। टैंक की सबसे खास बात मिसाइल दागने की क्षमता है। इसमें ऑटोमेटिक COR कुपोला क्लोज्ड एंटी-एयरक्राफ्ट गन सिस्टम है, जो इसे दूसरों से अलग बनाता है।
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