India launch human mission gaganyaan: चंद्रयान 3 के बाद अब गगनयान की तैयारी भारत ने शुरू कर दी है। जिसके साथ अगले साल तक 2-3 लोगों को अंतरिक्ष में भेजा जा सकता है। लेकिन आपको बता दें कि अभी तक सिर्फ इंसान ही नहीं, जानवर भी शोध के मकसद से स्पेस में भेजे गए हैं। इन जानवरों में कुत्ते, मक्खी, बंदर, चिंपांजी तक शामिल है। ये सिलसिला 21वीं सदी में भी जारी है। साफ तौर पर कहा जा सकता है कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में सिर्फ इंसानों ने ही उपलब्धियां हासिल नहीं की हैं। इसमें जानवरों का भी खूब योगदान है। ये इंसानों से पहले अंतरिक्ष में गए थे।
क्रमवार जानिए स्पेस में भेजे गए जानवरों के बारे में
- सबसे पहले स्पेस में मक्खियों को 1947 में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भेजा था। वे इस बात की पड़ताल कर रहे थे कि खगोलीय विकिरण का आने वाले समय में क्या प्रभाव अंतरिक्ष यात्रियों पर होगा। वी-2 बैलेस्टिक मिसाइल के जरिए इनको भेजा गया था। 109 मीटर की हाईट के बाद इनको न्यू मैक्सिको में उतारा गया था। ये मक्खियां कैप्सूल में जीवित मिली थीं।
- इसके बाद अंतरिक्ष में रीसस मकैक, सुअर और गिलहरी जैसी पूंछ वाले बंदर और चिंपांजी भी भेजे गए। अलबर्ट 2 नाम का रीसस मैकक 1949 में भेजा गया था। 134 किलोमीटर ऊंचाई पर जाने के बाद लौटते समय इसकी मौत हो गई थी। 1961 में हैम नाम का चिंपांजी नासा ने भेजा था। जो ठीकठाक लौट आया था।
- बता दें कि इंसानों की सेहत और चिकित्सा को लेकर सबसे पहले चूहों पर शोध होती है। अंतरिक्ष के वातावरण को जानने के लिए पहले चूहों को स्पेस में भेजा गया था। नासा ने सबसे पहले 1950 में चूहा भेजा था। जो 137 किलोमीटर तक गया भी। लेकिन पैराशूट की नाकामी के कारण उसकी मौत हो गई थी।
- सोवियत संघ ने सबसे पहले 1957 में लाइका नाम की कुतिया को स्पेस में भेजा था। इस कुतिया को मॉस्को की गलियों से उठाया गया था। जो जिंदा नहीं लौट पाई थी। पहले भी अंतरिक्ष में कुत्तों को भेजा गया था।
- 1968 में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच चांद पर जाने की होड़ थी। तब रूस ने जोंड 5 नाम के दो कछुए स्पेस में भेजे थे। ये 6 दिन बाद लौटे थे। जो हिंद महासागर में गिर गए थे। लेकिन इनको बचा लिया गया था। इन कछुओं को कजाकिस्तान में उतरना था।
- नासा जानवरों के नाम पर काफी रिसर्च करता है। वह मेंढक, मकड़ियों को 1973 में स्पेस में भेज चुका है। इसके अलावा मछलियां (1973), टार्डिग्रेड (2007) में भेजी थी। वहीं, फ्रांस एक बिल्ली को 1963 में भेज चुका है। जापान ने 2012 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मछलियां भेजी थीं। वहीं, कई प्रकार के पौधों और सूक्ष्मजीवों को पनपने को लेकर भी स्पेस में प्रयोग हो चुके हैं।
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