भारत और यूरोपीय संघ में अब डील का ऐलान हो चुका है. 27 जनवरी को आधिकारिक तौर पर दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मोहर लग गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा कि 'आखिरकार ऐतिहासिक व्यापार समझौता पूरा हो चुका है.'
इंडिया-ईयू बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'यूरोपियन यूनियन में भारतीय निवेश लगभग 40 बिलियन यूरो तक पहुंच गया है. आज, भारत और यूरोपियन कंपनियों के बीच R&D, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सहित हर सेक्टर में गहरा सहयोग है और आप जैसे बिजनेस लीडर इसके ड्राइवर और लाभार्थी दोनों हैं.
---विज्ञापन---
भारत को क्या-क्या फायदे होंगे?
पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब इस पार्टनरशिप को पूरे समाज की पार्टनरशिप में बदलने का समय है. इसी सोच के साथ, हमने आज एक कॉम्प्रिहेंसिव FTA को फाइनल किया है. इससे भारत के लेबर-इंटेंसिव प्रोडक्ट्स को यूरोपियन यूनियन के मार्केट में आसानी से एंट्री मिलेगी. इसमें टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग से जुड़े सामान शामिल हैं.
---विज्ञापन---
बढ़ेगा भारत का एक्सपोर्ट
इसके साथ ही पीएम मोदी ने आगे कहा कि फल, सब्जियां, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पादों को नए मौके मिलेंगे. हमारे किसानों और मछुआरों को इससे सीधा फायदा होगा. हमारे सर्विस सेक्टर को भी फायदा होगा. IT, शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा और बिजनेस सर्विस सेक्टर को खास तौर पर फायदा होगा.
उन्होंने कहा, 'आज, ग्लोबल बिजनेस में बहुत उथल-पुथल मची हुई है. हर कंपनी अपनी मार्केट स्ट्रेटेजी और पार्टनरशिप का फिर से मूल्यांकन कर रही है. ऐसे समय में, यह FTA बिजनेस जगत के लिए एक साफ और पॉजिटिव मैसेज है. यह दोनों तरफ के बिजनेस कम्युनिटीज के लिए एक सक्षम, भरोसेमंद और भविष्य-उन्मुख पार्टनरशिप बनाने का साफ निमंत्रण है.'
भारत को मिलेंगे 500 मिलियन यूरो
इस समझौते में अगले दो सालों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने और ग्रीन ट्रांजिशन को तेज करने में भारत की मदद के लिए EU की तरफ से 500 मिलियन यूरो की मदद भी शामिल है. इससे भारत के ग्रीनहाउस सेक्टर को बड़ी मदद मिलेगी.
क्या-क्या होगा सस्ता?
मिली जानकारी के अनुसार, इस डील के तहत यूरोपीय संघ के 90 फीसदी तक के उत्पाद पर टैरिफ कम किया गया है, जिसका मतलब है कि ये उत्पाद सस्ते होंगे. इसके अलावा शराब, बीयर, वाइन, EU वाइन पर टैक्स घटकर 20–30%, EU स्पिरिट्स पर टैक्स 40%, EU बीयर पर टैक्स 50% तक होगा.
वहीं, खाने-पीने की चीजों में ऑलिव ऑयल, मार्जरीन, वेजिटेबल ऑयल पर टैरिफ पूरी तरह खत्म हो जाएगा. इसके साथ ही गाड़ियां (Cars) भी सस्ती हो जाएंगी. वहीं, टैक्स धीरे-धीरे घटकर 10% तक हो जाएगा. सालाना 2.5 लाख कारों की सीमा, मेडिकल और सर्जिकल इक्विपमेंट में 90% प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म होगा. इलाज और जांच से जुड़ी मशीनें सस्ती हो जाएंगी. वहीं, EU की फाइनेंशियल और मैरीटाइम कंपनियों को भारत में आसानी से एंट्री मिलेगी. इसके अलावा बैंकिंग, शिपिंग जैसी सेवाएं सस्ती/आसान हो सकती हैं.