भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़ते तनाव और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में चौकसी और तैयारी का माहौल है। ऐसे समय में भारत सरकार ने न सिर्फ सैन्य स्तर पर बल्कि आम जनता को भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार करने की पहल शुरू की है। इसी कड़ी में पूरे देश में मॉक ड्रिल कराई जा रही है, जिससे लोगों को आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित रहने और खुद की रक्षा करने का अभ्यास कराया जा सके। यह एक बड़ी तैयारी है जिसमें कई राज्यों और शहरों में एक साथ ड्रिल आयोजित की जाएगी। आइए जानते हैं देशभर में कैसी चल रही है मॉक डिर्ल की तैयारी।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में सुरक्षा बढ़ाई गई
दिल्ली के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके कनॉट प्लेस में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यह फैसला 7 मई को पूरे देश में होने वाली मॉक ड्रिल को देखते हुए लिया गया है, जिसे गृह मंत्रालय ने तय किया है। सुरक्षा बल अब ज्यादा सतर्क हैं, ताकि अगर कोई आपात स्थिति आए तो उससे सही तरीके से निपटा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
महाराष्ट्र में समुद्री क्षेत्रों में होगा अभ्यास
महाराष्ट्र सिविल डिफेंस के निदेशक प्रभात कुमार ने बताया कि पहले सिविल डिफेंस का काम सिर्फ युद्ध के समय मदद के लिए स्वयंसेवकों को तैयार करना होता था। लेकिन साल 2010 के बाद से इसमें आपदा प्रबंधन यानी बाढ़, तूफान, भूकंप जैसी घटनाओं से निपटने की तैयारी भी शामिल कर ली गई है। उन्होंने कहा कि 7 मई को समुद्र के किनारे वाले इलाकों में एक मॉक ड्रिल यानी अभ्यास किया जाएगा। इस अभ्यास में जिलाधिकारी के तहत काम करने वाली सभी सरकारी टीमें हिस्सा लेंगी। इस अभ्यास के बाद यह देखा जाएगा कि काम में क्या-क्या सुधार की जरूरत है, ताकि असली आपदा के समय सभी ठीक से काम कर सकें। प्रभात कुमार ने कहा कि सरकार और सेना पर उन्हें पूरा भरोसा है। लेकिन अगर कोई आपदा आती है, तो सबसे जरूरी है कि लोग मानसिक रूप से तैयार रहें और छोटी-छोटी जरूरी बातें पहले से जान लें, जिससे मुश्किल वक्त में खुद और दूसरों की मदद की जा सके।
जम्मू के स्कूलों में बच्चों को दी गई आपातकालीन ट्रेनिंग
जम्मू के एक स्कूल में बच्चों को मॉक ड्रिल के जरिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई। गृह मंत्रालय के निर्देश अनुसार 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस अभ्यास का उद्देश्य है कि बच्चों और आम नागरिकों को यह सिखाया जाए कि किसी आपदा के समय कैसे संयम और समझदारी से काम लें।
असम के मुख्यमंत्री का बयान
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्हें गृह मंत्रालय (MHA) से मॉक ड्रिल करने का आदेश तो मिला है, लेकिन अभी तक इसके नियम और तरीका (SOPs) पूरी तरह साफ नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले गृह मंत्रालय की एक बैठक होगी, जिसमें सभी राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे। उस बैठक के बाद ही राज्य सरकार को पता चलेगा कि मॉक ड्रिल कैसे करनी है। इसका मतलब है कि मॉक ड्रिल शुरू करने से पहले राज्य सरकारें गृह मंत्रालय से बात करेंगी और फिर एक साफ-सुथरी योजना के अनुसार अभ्यास किया जाएगा।
लखनऊ में पुलिस लाइन में किया गया अभ्यास
लखनऊ की पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर मॉक ड्रिल का अभ्यास किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 7 मई को पूरे देश में यह मॉक ड्रिल की जाएगी, इसलिए पहले से ही इसकी तैयारी की जा रही है।
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