TrendingRepublic DayGold Silver PriceDonald Trump

---विज्ञापन---

कब पेश हुआ था देश का पहला डिजिटल बजट, क्यों हुई इसकी शुरुआत? जानें पेपरलेस युग की पूरी दास्तान

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 1 फरवरी, 2026 को बजट पेश किया जाना है. बजट के जरिए सरकार की कोशिश होती है कि देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ देश की आम जनता को भी महंगाई और अन्य समस्याओं से राहत दी जा सके. बजट पेश करने का तरीका भी अब पहले के मुकाबले काफी बदल चुका है. अब सरकार की ओर से पेपरलेस बजट पेश किया जाता है.

फाइल फोटो

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 1 फरवरी, 2026 को बजट पेश किया जाना है. बजट के जरिए सरकार की कोशिश होती है कि देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ देश की आम जनता को भी महंगाई और अन्य समस्याओं से राहत दी जा सके. बजट पेश करने का तरीका भी अब पहले के मुकाबले काफी बदल चुका है. अब सरकार की ओर से पेपरलेस बजट पेश किया जाता है. आज हम जानेंगे कि आखिर पेपरलेस बजट कब और क्यों पेश किया गया था.

तो इस कारण आया था पेपरलेस बजट

साल 2020 में जब कोरोना ने देश में दस्तक दी थी तो उस समय सरकार के सामने बजट पेश करना एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया था. कोरोना के कारण ही सरकार ने पेपरलेस बजट पेश करने का रास्ता चुना था. बता दें कि साल 2021 में सरकार ने पहला पेपरलेस बजट पेश किया था. इसके बाद से देश में पेपरलेस बजट की परंपरा शुरू हो गई. वित्त मंत्री की ओर से अब टैबलेट पर ही बजट पेश किया जाता है. टैबलेट से ही वित्त मंत्री बजट के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को संसद में सबके सामने रखती हैं. वित्त वर्ष 2022 और 2023 का बजट भी पेपरलेस बजट ही था.

---विज्ञापन---

केंद्र सरकार ने बनाया ऐप

बजट को सांसदों के साथ सभी आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 'यूनियन बजट मोबाइल ऐप' चलाया जाता है. बजट पेश होने के कुछ देर बाद इस ऐप पर उपलब्ध होता है. इसके जरिए आसानी से डिजिटल तरीके से सभी बजट डॉक्यूमेंट प्राप्त कर सकते हैं. इस पर यूनियन बजट से संबंधित 14 दस्तावेज होते हैं, जिसमें एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट (आम बजट), डिमांड फॉर ग्रांट (डीजी) और फाइनेंशियल बिल और अन्य शामिल होते हैं.

---विज्ञापन---


Topics:

---विज्ञापन---