केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के लिए एडवायजरी जारी की है। इसमें 6 छंदों वाले वंदे मातरम को अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही इसमें बताया गया कि वंदे मातरम कब गाना, कितना गाना, कहां और कैसे गाना है। गृह मंत्रालय ने सार्वजनिक स्थलों पर शिष्टाचार और सम्मान के साथ वंदे मातरम को गाने के मार्गदर्शन जारी किया है। मंत्रालय ने 4 पन्नों में आदेश जारी करते हुए एडवायजरी दी है।
एडवायजरी में बताया कि अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों बजाया या गाया जाना है तो पहले राष्ट्रगीत बजाया या गाया जाएगा। इसके लिए खड़े होना अनिवार्य है। राष्ट्रगीत वंदे मातरम को गाने अथवा बजाने का समय करीब 3 मिनट 10 सेकंड है। इसके गाने के लिए 4 भागों में एडवायजरी जारी की गई है। पहले चरण में आधिकारिक पूरा वंदे मातरम लिखा है। दूसरे चरण में राष्ट्रीय गीत वादन, तीसरे चरण में सामूहिक गायन और चौथे चरण में सामान्य रूप से गायन बताया गया है।
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सरकारी कार्यक्रमों की सूची
आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत अनिवार्य करते हुए एडवायजरी में बताया गया कि सिविल सम्मान समारोहों, औपचारिक राजकीय समारोहों तथा सरकार द्वारा आयोजित अन्य समारोहों में राष्ट्रपति के आने पर तथा ऐसे समारोहों से उनके जाते समय पर वंदे मातरम अनिवार्य हुआ। आकाशवाणी तथा दूरदर्शन से राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति के संदेश प्रसारित किए जाने से पहले और बाद में, राज्यपाल-उपराज्यपाल के अपने राज्य संघ शासित क्षेत्र में औपचारिक राजकीय समारोहों में आने पर और ऐसे समारोहों से उनके जाते समय और जब राष्ट्रीय झंडे को परेड में लाया जाए, तब भी वंदे मातरम अनिवार्य किया गया।
सामूहिक रूप से गायन कैसे
एडवायजरी में बताया गया कि परेड को छोड़कर अन्य सांस्कृतिक अवसरों अथवा समारोहों में राष्ट्रीय झंड़ा फहराए जाने पर राष्ट्रगीत गाया या बजाया जाएगा। इसके अलावा उन सभी अवसरों पर जब राष्ट्र गीत को गाया जाता है इसे सामूहिक रूप से गाने के साथ इसके आधिकारिक संस्करण का पाठ गाया जायेगा।
स्कूलों के लिए भी आदेश
एडवायजरी में कहा गया कि सभी विद्यालयों में दिन का कार्य राष्ट्र गीत के सहगान से प्रारंभ होना चाहिए। विद्यालयों के
प्राधिकारियों को छात्रों में राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान को लोकप्रिय बनाने तथा राष्ट्रीय झंडे के प्रति श्रद्धा बढ़ाने के लिए अपने कार्यक्रम में समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।
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