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‘चीता और चेतक’ के भरोसे कब तक? सेना को कब मिलेंगे लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर, आखिर क्यों हो रही सप्लाई में देरी

थल और वायु सेना को हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर मिलने थे, लेकिन अभी ये कागजों तक ही सिमट हैं. दोनों सेनाएं इन हेलिकॉप्टर का इंतजार काफी वक्त से कर रही हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की तीनों सेना लगातार अपनी युद्ध नीति पर काम कर रही है. इस बीच खबर आई कि थल सेना और वायु सेना को बूढ़े हो चुके चेतक, चीता और चीतल हेलीकॉप्टर से काम चलाना पड़ रहा है. थल और वायु सेना को हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर मिलने थे, लेकिन अभी ये कागजों तक ही सिमट हैं. दोनों सेनाएं इन हेलिकॉप्टर का इंतजार काफी वक्त से कर रही हैं.

आखिर सप्लाई में देरी क्यों हो रही है? जब इस बारे में न्यूज 24 की टीम ने एचएएल से संपर्क करने की कोशिश की तो किसी भी तरह का जवाब नहीं दिया गया. एचएएल के सूत्रों ने न्यूज 24 को यह जरूर बताया है कि लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की सेफ्टी को बड़े ही बारीकी से तैयार किया जा रहा है. इसकी सुरक्षा पर गहराई से काम किया जा रहा है, जिसकी वजह से इसकी सप्लाई में देरी हो रही है.

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भारतीय वायु सेना एलसीए मार्क 1 जेट के लिए भी इंतजार कर रही है लेकिन इसकी भी आपूर्ति एचएएल की तरफ से अब तक नहीं हो पाई है. दुर्गम इलाकों में जब भारतीय सैनिक सुरक्षा में लगे होते है या फिर अगर कोई सैलानी कहीं फंस जाता है तो वहां चेतक और चीता हेलिकॉप्टर यूज किया जाता है. लेकिन अब सेना इन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करने से बच रही है, इसकी वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में कई चीता और चेतक हेलिकॉप्टर दुर्घटना के शिकार हुए हैं.

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रक्षा मंत्रालय ने पिछले तीन वर्षों से इन्हें रिप्लेस करके नई हेलिकॉप्टर एचएएल को देने के लिए कहा है. एचएएल ने अभी तक रिप्लेसमेंट को लेकर शुरुआत भी नहीं की है. अभी जो चीता, चेतक हेलीकॉप्टर सेना के पास हैं, वे करीब 50 साल पुराने हो चुके हैं. आर्मी के पास अभी कुल 180 चीता, चेतक और चीतल हेलीकॉप्टर हैं.

साल 2024 में बेंगलुरु में एयरो इंडिया के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने एचएएल प्रमुख को इस बारे में अवगत कराया था. वायुसेना प्रमुख ने साफ तौर पर कहा था कि उनके पास एलसीए मार्क 1 ए और तेजस मार्क 1 ए की कमी है, जिसकी सप्लाई अभी तक नहीं हो पाई है. इतना ही नहीं अभी तक तेजस का पुराना वर्जन यानी मार्क 1 भी नहीं मिल पाया है. अगर यही हाल रहा तो भविष्य के युद्ध के लिए हमें तैयार होने में काफी वक्त लग जाएगा.

एयरफोर्स सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एयर फोर्स ने 40 एलसीए-मार्क 1 (तेजस) का ऑर्डर दिया था. इनमें 32 सिंगल सीटर थे और 8 डबल सीटर यानी 8 ट्रेनर एयरक्राफ्ट थे. इनमें से फिलहाल 38 तेजस एयरफोर्स को मिले हैं, जिसमें 6 ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं.


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