गोवा: लोग इंज्वायमेंट के लिए गोवा टूर प्लान करते हैं और बहुत बार निराशा का सामना करना पड़ता है, पर अब ऐसा नहीं होगा। गोवा जाने वाले टूरिस्ट्स के लिए काम की खबर है। बीच पर बनी झोपड़ियों में चाइनीज और फास्ट फूड से ऊब चुके टूरिस्ट्स अब गोवा की लोकल डिशेज का भी लुत्फ उठा सकेंगे। इसे सुनिश्चित बनाने के लिए अब गोवा सरकार ने एक कड़ा कदम उठाया है। इससे न सिर्फ केवल टूरिस्ट्स को फायदा होगा, बल्कि गोवा के युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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लगातार मिल रही शिकायतों के निवारण के लिए पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने की झोंपड़ी मालिकों, तटीय क्षेत्र के विधायकों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक
दरअसल, गुरुवार को गोवा के झोंपड़ी मालिकों, तटीय क्षेत्र के विधायकों और अन्य प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद मीडिया से रू-ब-रू हुए गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने बताया कि गोवा के समुद्र तटों के किनारे सर्वव्यापी झोपड़ियों को अब अनिवार्य रूप से गोवा के व्यंजन परोसने होंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें पर्यटकों से शिकायतें मिल रही हैं कि वो कुछ स्थानीय व्यंजन चखने की उम्मीद में एक झोपड़ी में जाते हैं, लेकिन वहां केवल चीनी फूड आईटम्स और दूसरे फास्ट फूड ही परोसे जाते हैं। इन शिकायतों पर गौर करते हुए प्रदेश की सरकार ने यह अनिवार्य कर दिया है कि हर झोपड़ी में गोवा के व्यंजन पेश किए ही जाने चाहिए।
गोवा के समुद्र तटों पर हैं कुल 359 झोपड़ियां
उन्होंने (मंत्री ने) कहा, ‘शैक संचालकों ने हमारे मुख्य राजदूत होने के नाते और जब से दुकानें शुरू हुई हैं तब से सबसे पारंपरिक संचालक होने के नाते, हमें आश्वासन दिया है कि वे इसे लागू करेंगे’। इसके आगे गोवा के पर्यटन मंत्री ने बताया कि गोवा के समुद्र तटों पर कुल 359 झोपड़ियां स्थापित की गई हैं, जिनमें से लगभग दो तिहाई उत्तरी गोवा के अधिक लोकप्रिय हिस्सों के साथ हैं। गोवा में पहली समुद्र तट झोपड़ियां पर्यावरण-अनुकूल सामग्री, आमतौर पर नारियल के पेड़ के तने, बांस की सामग्री और फर्श के लिए लकड़ी के तख्तों का उपयोग करके स्थापित की गई थीं और विदेशी पर्यटकों और समुद्र के किनारे आराम करने के इच्छुक लोगों के लिए बनाई गई थी।
मंत्री खौंटे की मानें तो वर्तमान में प्रभावी झोपड़ी नीति के अनुसार, गोवा के युवाओं, विशेषकर बेरोजगारों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं, जिन्हें ड्रा के आधार पर राज्य के समुद्र तटों पर झोपड़ी स्थापित करने के लिए जगह आवंटित की जाती है। लगभग 90% झोंपड़ियां पारंपरिक संचालकों को आवंटित की जाती हैं, जबकि 10% स्लॉट नए लोगों के लिए आरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह राज्य मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित गोवा राज्य झोपड़ी नीति 2023-26 का उद्देश्य तटीय राज्य में युवाओं की भागीदारी और पर्यटन विकास को बढ़ावा देना है। इसके तहत एक परिवार के केवल एक सदस्य को झोपड़ी आवंटित की जाएगी।
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