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मिलिए उन चार भारतीय महिलाओं से जिन्होंने बनाई है Forbes’ 100 Most Powerful Women लिस्ट में जगह

Forbes' List of Most Powerful Women 2023: फोर्ब्स इस लिस्ट में रैंकिंग तय करने के लिए चार मानकों का उपयोग करता है। ये मानक हैं पैसा, मीडिया, प्रभाव और प्रभाव का क्षेत्र।

निर्मला सीतारमण, किरण मजूमदार-शॉ, सोना मंडल और रोशनी नादर मल्होत्रा
बिजनेस पत्रिका फोर्ब्स (Forbes) ने साल 2023 में दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं की सालाना लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में भारत की चार महिलाओं को जगह मिली है। इन महिलाओं ने न केवल मिथकों को झुठलाया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है। इस लिस्ट में जगह पाने वाली भारतीय महिलाएं हैं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रोशनी नादर मल्होत्रा, सोमा मंडल और किरण मजूमदार-शॉ। ये चारों महिलाएं वैश्विक अखाड़े में लचीलेपन, नेतृत्व और उत्कृष्टता की प्रतीक हैं। पढ़िए इन चारों महिलाओं और उनकी उपलब्धियों के बारे में।

निर्मला सीतारमण

भारत सरकार में वित्त मंत्रालय संभाल रहीं निर्मला सीतारमण (64) को फोर्ब्स की लिस्ट में 32वां स्थान मिला है। वह भाजपा की वरिष्ठ नेता हैं और साल 2019 से वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री का पद संभाल रही हैं। साल 2017 से 2019 तक उन्होंने देश के 28वीं रक्षा मंत्री के तौर पर सेवाएं दी थीं। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद ये मंत्रालय संभालने वाली वह पहली महिला हैं। साल 2022 में अपनी इस लिस्ट में फोर्ब्स ने उन्हें 36वां स्थान दिया था।

रोशनी नादर मल्होत्रा

42 वर्षीय रोशनी नादर मल्होत्रा एक भारतीय अरबपति और समाजसेवी हैं। फोर्ब्स की इस लिस्ट में उन्हें 60वें स्थान पर रखा गया है। वह एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन हैं और भारत में किसी लिस्टेड आईटी कंपनी की कमान संभालने वाली पहली महिला हैं। एचसीएल के संस्थापक शिव नादर की इकलौती संतान रोशनी को भारत की सबसे अमीर महिला के रूप में जाना जाता है। रोशनी का नाम इस लिस्ट में पहले भी आता रहा है। साल 2019 में उन्हें 54वां और 2020 में 55वां स्थान मिला था।

सोना मंडल

सोमा मंडल (60) स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया की वर्तमान चेयरपर्सन हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी जनवरी 2021 में मिली थी और यह पद संभालने वाली वह पहली महिला हैं। फोर्ब्स की लिस्ट में उन्हें 70वां स्थान मिला है। भुवनेश्वर में जन्मीं सोना ने साल 1984 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था। स्टील अथॉरिटी की बागडोर संभालने के बाद वह इसे रिकॉर्ड वित्तीय बढ़त की ओर ले गई हैं। उनके कार्यकाल के पहले साल में ही कंपनी का लाभ 120 अरब रुपये बढ़ा था।

किरण मजूमदार-शॉ

70 वर्षीय किरण मजूमदार-शॉ एक प्रख्यात भारतीय अरबपति उद्यमी हैं। उन्होंने बेंगलुरु में बायोकॉन लिमिटेड और बायोकॉन बायोलॉजिक्स लिमिटेड की स्थापना की थी। इसके अलावा वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बेंगलुरु की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। उन्हें विज्ञान और केमिस्ट्री के क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए ओठमेर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। 2019 में फोर्ब्स ने इस लिस्ट में 68वां स्थान दिया था। वहीं, इस साल उन्हें 70वां स्थान मिला है।


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