TrendingDonald trump tariffsAI summitiranDonald Trump

---विज्ञापन---

पापुआ न्यू गिनी के बाद 2 और देशों में भूकंप के झटके, नेपाल और लद्दाख में हिली धरती

भूकंप से धरती लगातार दहल रही है। आए दिन किसी न किसी देश में भूकंप आ रहा है। देररात पापुआ न्यू गिनी में भूकंप आया और आज सुबह भारत-नेपाल में भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 3 से 5 के बीच रही। आइए जानते हैं कि भूकंप और कहां-कहां आया? इससे कहां, कैसा असर रहा?

पापुआ न्यू गिनी के बाद 2 और देशों में भूकंप आया है। आज सुबह भूकंप के झटके नेपाल और भारत में लगे। भारत के पहाड़ी और सबसे खूबसूरत राज्य लद्दाख में भूकंप आया। नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 मापी गई और लद्दाख में 3.6 की तीव्रता वाले झटके लगे। हालांकि दोनों इलाकों में भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन पिछले कई दिनों से लगातार आ रहे भूकंप से लोगों में दहशत, डर और तनाव का माहौल बना हुआ है। क्योंकि देररात ही पापुआ न्यू गिनी में करीब 7 की तीव्रता वाला भूकंप आ चुका है, जिसके चलते सुनामी का अलर्ट तक जारी हो गया था। बीते दिन दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके लगने की खबर है। इससे पहले इंडोनेशिया में भूकंप आया था। जापान में भी 6 की तीव्रता वाला भूकंप आ चुका है। इससे पहले 28 मार्च को 7 से 8 की तीव्रता वाले भूकंप ने म्यांमार और थाईलैंड में भयंकर तबाही मचाई थी। कई इमारतें ध्वस्त हो गई थीं और हजारों लोग मारे गए थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।  

दिल्ली-NCR में भी आया था भूकंप

बता दें कि बीते दिन दिल्ली-NCR में भूकंप भी झटके लगे थे। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 मापी गई थी। भूकंप बीती रात करीब 7 बजकर 52 मिनट आया और इसका केंद्र नेपाल में धरती के नीचे 20 किलोमीटर की गहराई में मिला था। हालांकि इस भूकंप से किसी तरह का जान माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन भूकंप के झटकों से लोगों में डर का माहौल दिखा। लोग अपने घरों और ऑफिसों से निकलकर सड़कों पर आ गए थे। हालांकि इतनी तीव्रता वाले भूकंप से नुकसान कम ही होता है, लेकिन हल्के से कुछ तेज झटके लगते हैं तो दीवार पर टंगी तस्वीरें तक गिर सकती हैं और घरों की खिड़कियां तक टूट सकती हैं। भूकंपरोधी तकनीक से नहीं बनी इमारतों के ढहने का खतरा होता है। बैंकॉक की इमारतों में भी भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल नहीं हुआ था, इसलिए वहां ज्यादा नुकसान हुआ और इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।


Topics:

---विज्ञापन---