दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने 10 दिनों तक चले एक सीक्रेट ऑपरेशन के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है. इस कार्रवाई में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, इनमें से 7 आरोपी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो भारत में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे थे. दरअसल, दिल्ली पुलिस को फरवरी की शुरुआत में कुछ अहम सुराग मिले थे. दिल्ली और कोलकाता के मेट्रो स्टेशनों पर 'Free Kashmir' और 'Stop Genocide in Kashmir' जैसे पोस्टर लगाए गए थे. इन पोस्टरों के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और मामले की गहराई से जांच शुरू की गई.
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जांच में क्या मिला?
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में थे. वो भारत में रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे. पुलिस को उनके मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, वीडियो और कुछ जगहों की रेकी से जुड़े इनपुट मिले हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सबसे पहले पश्चिम बंगाल के मालदा इलाके से कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान उनके नेटवर्क के तार देश के बाकी राज्यों से भी जुड़े पाए गए. इसके बाद तमिलनाडु और कई जगहों पर छापेमारी कर बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
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जारी है पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये मॉड्यूल भारत में किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की तैयारी में था. हालांकि, समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा खतरा टल गया. सभी आरोपियों को दिल्ली लाकर उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि इनके संपर्क किन-किन लोगों से थे और फंडिंग कहां से हो रही थी. दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान लगातार निगरानी, तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल किया गया. सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि देश की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी खतरा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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