Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति मामले में पूछताछ के लिए भारत राष्ट्र समिति (BRS) एमएलसी के कविता आज ED के सामने पेश होंगी। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता की पेशी से पहले पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली में KCR के आवास के बाहर जमा हो गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को कविता ने संसद के मौजूदा बजट सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पेश करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की। शुक्रवार को दिल्ली में होने वाली अपनी भूख हड़ताल का हवाला देते हुए, उसने जांच एजेंसी से शनिवार तक अपनी पूछताछ स्थगित करने को कहा था।
गौरतलब है कि इसी मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को ईडी ने गिरफ्तार किया है। ईडी की ओर से पूछताछ के लिए समन जारी किए जाने के कुछ घंटे बाद के कविता 8 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंची थीं। बीआरएस नेता केटी रामाराव (के कविता के भाई और CM KCR के बेटे) भी शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में अपने पिता के आवास पर पहुंचे।
हैदराबाद के कारोबारी के सामने बिठाकर होगी पूछताछ!
सूत्रों के मुताबिक, कविता को हैदराबाद के व्यवसायी अरुण रामचंद्र पिल्लई के साथ आमने-सामने बिठाया जाएगा, जिन्हें सोमवार रात शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था।
उधर, के कविता ने ED के समन को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और बीआरएस के खिलाफ केंद्र की ओर से धमकाने की रणनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी केंद्र सरकार की विफलताओं से लड़ना और उन असफलताओं को उजागर करना जारी रखेगी। साथ ही भारत के उज्जवल भविष्य के लिए आवाज उठाएगी।
कौन हैं हैदराबाद के कारोबारी अरुण रामचंद्र पिल्लई
जांच में ईडी को पता चला है कि अरुण रामचंद्र पिल्लई साउथ ग्रुप के सबसे बड़े कार्टेल और पूरे घोटाले में प्रमुख व्यक्तियों में से एक है। साउथ ग्रुप में तेलंगाना एमएलसी कविता, सरथ रेड्डी (अरबिंदो ग्रुप के प्रमोटर), मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी (एमपी, ओंगोल), उनके बेटे राघव मगुन्टा और अन्य शामिल हैं।
एजेंसी की जांच से पता चला है कि साउथ ग्रुप का प्रतिनिधित्व पिल्लई, अभिषेक बोइनपल्ली और बुच्ची बाबू कर रहे थे। ईडी ने पहले कहा था कि साउथ ग्रुप ने आप नेताओं को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।
के कविता से सीबीआई कर चुकी है पूछताछ
तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य कविता से पिछले साल दिसंबर में इसी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूछताछ की थी। 2021 में कोरोना महामारी के बीच में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली कैबिनेट में आबकारी नीति पारित की गई थी।
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह नीति अधिकतम राजस्व सुनिश्चित करने, दिल्ली में नकली शराब या गैर-शुल्क भुगतान वाली शराब की बिक्री को खत्म करने के अलावा उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तैयार की गई थी।
सीबीआई ने 2021-22 की आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में आप सरकार की ओर से उत्पाद शुल्क नीति को वापस ले लिया गया था।
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