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Delhi Excise Policy Case: मनीष सिसोदिया को नहीं मिली जमानत, दिल्ली HC ने खारिज की याचिका

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने एक्साइज पॉलिसी मामले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली (हैदराबाद के व्यवसायी), […]

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने एक्साइज पॉलिसी मामले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली (हैदराबाद के व्यवसायी), बिनॉय बाबू बिनॉय, (शराब कंपनी एम/एस पेरनोड रिकार्ड के प्रबंधक) की जमानत याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है। मई में जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की बेंच ने बहस पूरी करने के बाद मनीष सिसोदिया और विजय नायर की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसी बेंच ने इसी मामले के संबंध में अभिषेक बोइनपल्ली, हैदराबाद के व्यवसायी बिनॉय बाबू बिनॉय, (शराब कंपनी एम/एस पेरनोड रिकार्ड के प्रबंधक) पर भी आदेश सुरक्षित रखा था। ट्रायल कोर्ट ने पहले उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

सीबीआई मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज हुई थी

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछली शराब नीति के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले सीबीआई मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की पीठ ने सीबीआई मामले में सिसौदिया को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि मनीष सिसौदिया (आवेदक) एक शक्तिशाली व्यक्ति हैं, इसलिए उनके गवाहों को प्रभावित करने की संभावना है। ये भी पढ़ेंः संसद के मानसून सत्र से पहले बेंगलुरु में विपक्ष की अगली बैठक, कांग्रेस ने किया ऐलान राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पहले उत्पाद शुल्क घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें कहा गया था कि "आर्थिक अपराध का यह मामला आम जनता और समाज पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है क्योंकि जांच के दौरान एकत्र किए गए सबूत बहुत कुछ कहते हैं।" उक्त अपराध को अंजाम देने में उनकी संलिप्तता थी।" और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें


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