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MRSAM, Astra Mark-II मिसाइल और स्वदेशी डिफेंस सिस्टम… देश की रक्षा के लिए मंजूर हुए 79000 करोड़ रुपये

आज राजधानी दिल्ली में डीएसी यान डिफेंस एक्यूशन कॉउंसिल की अहम बैठक हुई. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही सीडीएस और तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे. न्यूज 24 को रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब तीनों सेना के आर्मस और दूसरे समानों के लिए 79 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

आज राजधानी दिल्ली में डीएसी यान डिफेंस एक्यूशन कॉउंसिल की अहम बैठक हुई. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ ही सीडीएस और तीनों सेना प्रमुख मौजूद थे. न्यूज 24 को रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक करीब तीनों सेना के आर्मस और दूसरे समानों के लिए 79 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.

भारी भरकम पैसा सेना के ऊपर खर्च करने का एक मात्र मकसद रक्षा मंत्रालय का तीनों सेना की ताकत को बढाने और दूसरी क्षमताओं को ज्यादा से ज्यादा मजबूत करने को लेकर है.

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इस बैठक में सबसे ज्यादा फोकस अगली पीढ़ी की एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम पर रहा. इसके अलावा बैठक के ऐजेंडे में एम्ब्रेयर-आधारित AEW&C सिस्टम और भारत के स्वदेशी NETRA AEW सिस्टम पर बातचीत की गई.

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आपको बता दें कि इनकी क्षमता फ्लाईंग पेट्रोलिंग यानी निगरानी और थल सेना के साथ मिलकर कैसे कमांड और एक दूसरे के साथ नियंत्रण बनाना है इस पर भी विशेष तौर पर चर्चा हुई है.

हवाई निगरानी, कमांड और नियंत्रण संचालन को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो नई पीढ़ी के आर्मस और मिलाइल को अपग्रेड करने के साथ इसमें पॉलिटकल डेवलपमेंट भी देखा जा रहा है जिससे ज्यादा से ज्यादा दूसरे देशों के साथ स्वदेशी हथियारों को बेचा जा सके. आत्म निर्भर भारत से बने हथियारों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया है.

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अगर देश की तीनों सेना ज्यादा से ज्यादा मेक इन इंडिया के बने आर्मस का इस्तेमाल करेंगी तो दूसरे देश में स्वदेशी हथियारों के खरीदार की तादाद और ज्यादा बढ़ेगी. सेना सत्रों के मुताबिक अगर NETRA AEW जैसे स्वदेशी सिस्टम का इस्तेमाल सेना करेगी तो डिफेंस सेक्टर में उत्पादन बढ़ने के साथ ही लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार भी मिलेगा. आपको बता दें कि साल 2025 में डीएसी ने यह चौथी बैठक की है.

  • पहली बैठक साल 2025 के मार्च महीने में हुई थी जिसमें 54,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी.
  • दूसरी बैठक जुलाई 2025 में आयोजित की गई थी जिसमें एक लाख पांच हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी.
  • तीसरी बैठक साल 2025 के ही अक्टूबर महीने में आयोजित की गई थी, जिसमें 79,000 करोड़ रुपये की मंजूर दी गई थी.
  • वहीं, साल 2025 के दिसंबर महीने में यह चौथी बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें 8 हजार करोड़ रुपये की रक्षा खरीद की मंजूरी दी गई है.

आपको बता दें कि साल 2025 के खत्म होने से पहले कई टैंक और मिसाइल की मंजूरी दे दी गई है, जिसमें T90 टैंक नेक्सट जेनरेशन का बनाने के साथ ही MI-17 हेलीकॉप्टर के आधुनिक तरीके से अपग्रेड को भी मंजूर कर लिया गया है.

सूत्रों के मुताबिक MRSAM, Astra Mark-II मिसाइल खरीद की मंजूरी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो हालात बने थे उसे देखते हुए की गई है. इसके अलावा Loitering Munitions खरीद को भी को मंजूरी दे दी गई है.


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