Andhra Pradesh Waqf Board Dissolved: एक ओर मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड बिल पेश करने वाली है, तो वहीं दूसरी ओर आंध्रप्रदेश की एनडीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है। नायडू सरकार ने जगन मोहन सरकार द्वारा गठित वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है। जानकारी देते हुए सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एन मोहम्मद फारूक ने बताया इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी किए गए हैं। बता दें कि आंध्र सरकार नया बोर्ड गठित करेगी। सरकार ने पिछली सरकार के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए जीओ- 47 को रद्द करते हुए जीओ 75 जारी किया है। इसे वापस लेने के पीछे कई कारण बताए हैं। 1. सुन्नी और शिया समुदायों में स्काॅलर्स का कोई प्रतिनिधि नहीं है। 2. बोर्ड में पूर्व सांसदों को शामिल नहीं किया गया। 3. बार काउंसिल श्रेणी से जूनियर अधिवक्ताओं को नियमों की धज्जियां उड़ाकर चुना गया। 4. एस के खाजा के बोर्ड सदस्य के तौर पर चुने जाने के बाद कई शिकायतें मिली थी। 5. विभिन्न अदालती मामलों के कारण अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया था। 6. मार्च 2023 से वक्फ बोर्ड निष्क्रिय हो गया था। ये भी पढ़ेंः ‘मस्जिद के लिए शहीद हुए लोग…’, संभल हिंसा पर ये क्या बोल गए सपा के विधायक नायडू सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में किया है जब जेपीसी वक्फ बिल को लेकर देश के अलग-अलग मुस्लिम पक्षकारों से उनकी राय जान रही है। फिलहाल सरकार ने संसद में वक्फ बोर्ड को लेकर बनी जेपीसी का कार्यकाल और बढ़ा दिया है। ये भी पढ़ेंः ‘CM पद पर फैसला कल…’, बेटे को डिप्टी सीएम बनाने के सवाल पर शिंदे ने क्या कहा?