नई दिल्ली: H3N2 वायरस का खतरा बढ़ता जा रहा है। देश में इस वायरस के अबतक दो मौत हो चुकी है। इस बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। नीति आयोग कल यानी शनिवार को H3N2 और सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर बैठक करेगा। इस बैठक में राज्यों में मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। ये देखा जाएगा कि किस राज्य में क्या स्थिति है और किस राज्य को किस तरह की केंद्र से सपोर्ट की जरूरत है। केंद्र ने कहा कि राज्यों को जरूरत पड़ने पर मदद दी जाएगी।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फ्लू की वैक्सीन लगवाने से इन वायरस से बचाव किया जा सकता है। मौसम बदलने पर फ्लू के मामले बढ़ते जरूर हैं, लेकिन इस बार कुछ ज्यादा ही मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों के संख्या काफी देखी गई।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि H3N2 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। कोरोना और इस वायरस में अंतर कर पाना काफी मुश्किल है। दोनों से सिमटम एक जैसे ही है। इस बीच 67 दिन बाद कोरोना के एक्टिव केस 3 हजार से ज्यादा हो गए हैं। कोविड मामलों में अचानक वृद्धि के साथ-साथ H3N2 वायरस के मामलों में भी वृद्धि हुई है, जो चिंता बढ़ाने वाली है।
H3N2 virus के लक्षण क्या हैं?
-बुखार से लेकर गंभीर निमोनिया
-एक्यूट रेस्पीरेटरी डिसट्रेस सिंड्रोम
-नाक बहना, तेज बुखार
-चेस्ट में कप
-गले में खराश और थकावट