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‘CBI जांच करे लेकिन SC या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की अगुवाई में हो’, अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस ने की मांग

उत्तराखंड का अंकिता भंडारी केस अब देश व्यापी हो चुका है। जगह जगह अंकिता को न्याय दिलाने के लिए लोग एक जुट हो रहे हैं। कांग्रेस ने भी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सरकार से कई मांगे की हैं। पढ़िए दिल्ली से रमन कुमार की रिपोर्ट।

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने कई सवाल खड़े किए हैं । महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा और कांग्रेस सचिव वैभव वालिया ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा सीबीआई जांच देने में तीन साल लग गए जब सबूत नष्ट होने का अंदेशा है। सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद भी उत्तराखंड की राजनीति गरमाई हुई है। कांग्रेस इसे जनता के संघर्ष की जीत बता रही है, वहीं भाजपा सरकार के फैसले का बचाव कर रही है। वीआईपी, बुलडोजर कार्रवाई और शुरुआती जांच को लेकर अब भी कई सवाल खड़े हैं. महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा पार्टी की मांग रही है की अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई करे लेकिन सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की अगुवाई में जांच हो।

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कांग्रेस की मांग है कि VIP एंगल की स्वतंत्र जांच हो, सबूत नष्ट करने के आदेश देने वालों पर भी कार्रवाई हो, सबूत नष्ट करने वाले विधायक पर भी कार्रवाई हो, महिला कार्य स्थलों पर सुरक्षा कानूनों का सख्ती से अनुपालन हो, राजनीतिक संरक्षण देने वालों की जवाबदेही तय हो, भविष्य में ऐसे मामलों के लिए स्वतंत्र जांच तंत्र अनिवार्य हो
और CBI निष्पक्षता के साथ बिना दबाव के 6 महीने में केस को अंजाम तक ले जाए।

कहा कि BJP के लोग नैतिकता दिखाएं और मामले से जुड़े अपराधियों को न्याय प्रक्रिया से दूर रखें, ताकि निष्पक्षता के साथ कार्रवाई हो सके और अंकिता भंडारी को न्याय मिल सके।

इससे पहले विपक्षी दलों ने अंकिता के हत्यारों को सजा दिए जाने की मांग को लेकर 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। एक दिन पहले इस मामले में मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के माता-पिता से भी मुलाकात की थी और कहा था कि वो जो भी कहेंगे, सरकार उसका अध्ययन कर आगे की कार्रवाई करेगी। इसके अगले दिन ही अंकिता भंडारी के माता-पिता की सीबीआई जांच की मांग को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया लेकिन सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराए जाने की मांग पर कांग्रेस अब भी अड़ी है और आगे भी उठाते रहेगी ।

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