ये दुखद घटना थी, लेकिन इतनी बड़ी नहीं थी: हेमा मालिनी
हेमा मालिनी ने कहा कि हम भी कुंभ गए थे। हमने संगम में स्नान किया। ये दुखद घटना थी, लेकिन इतनी बड़ी नहीं थी। सब कुछ मैनेज कर लिया गया था। मुझे इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन घटना इतनी बड़ी नहीं थी, जितना बढ़ा-चढ़ाकर इसे दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को प्रयागराज जाकर पवित्र स्नान करेंगे। अगर स्थिति मैनेज नहीं होती तो क्या प्रधानमंत्री जाते?
उनसे जब पूछा गया कि अखिलेश यादव कह रहे हैं कि महाकुंभ में सेना लगा देनी चाहिए, तो इस पर हेमा मालिनी ने कहा कि उनका तो काम है ऐसा कहना। बहुत अच्छे से संभाल रहे हैं। इतने लोग आ रहे हैं, इसे मैनेज करना बहुत मुश्किल है, लेकिन हमलोग अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।अखिलेश यादव ने आंकड़ों पर उठाए थे सवाल
बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान महाकुंभ में हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए थे। अखिलेश यादव ने कहा कि डिजिटल कुंभ कराने वाले मृतकों के आंकड़े तक नहीं दे पा रहे। लाशें कहां फेंकी गईं, बताया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी। वे घटना को छिपाने में लगे रहे। पुण्य कमाने आए लोग अपनों के शव लेकर गए। उन्होंने मृतकों का आंकड़ा जारी करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार मृतकों के आंकड़े नहीं दे पाई। बच्चों के आंकड़े तो नदारद हैं। खोया-पाया केंद्रों पर लोग अपनों को खोज रहे हैं। कुंभ का आयोजन कोई पहली बार नहीं हुआ। समय समय पर जिसकी भी सरकारें रही हैं, इसका आयोजन करती रही हैं।तारिक अनवर ने हेमा मालिनी के बयान पर दिया यह जवाब
महाकुंभ भगदड़ पर भाजपा सांसद हेमा मालिनी के बयान पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, "हेमा मालिनी कभी नहीं जान सकतीं कि वास्तव में वहां क्या हुआ था। जब वे वहां गई थीं, तो उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया था। महाकुंभ में हालात इसलिए खराब हो गए क्योंकि पुलिस और प्रशासन दोनों ही वीआईपी के पीछे पड़े थे। उन्हें आम लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था की कोई चिंता नहीं थी। अगर वे कहती हैं कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है और यह पीड़ितों का मजाक उड़ाना है।"मौनी अमावस्या पर हुई थी 30 लोगों की मौत
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के लिए करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे थे। देर रात करीब दो बजे यहां भगदड़ मच गई, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके अलावा 90 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।---विज्ञापन---
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