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बिहार में अज्ञात शख्स बना गया 693 पुल-पुलिया! करोड़ों की ‘ब्रिज मिस्ट्री’ देखकर सरकार भी हैरान

Bihar Bridge Collapse Latest News Update: बिहार के पुल ना सिर्फ आम आदमी बल्कि सरकार के लिए भी मिस्ट्री बन गए हैं। पुल गिरने से लेकर बीच खेत में बने लावारिस पुलों को कब और किसने बनाया? इस सवाल ने बिहार सरकार को उलझा कर रख दिया है।

Bihar Bridge Collapse Latest News Update: (अमिताभ कुमार ओझा) बिहार में पिछले दो महीनों से पुल पुलियों को लेकर सियासत गरम है। कुछ दिन पहले अररिया में खेत के बीच बने पुल की तस्वीरें वायरल होने लगीं। तो पिछले कई महीनों से बिहार में पुल गिरने की घटनाएं आम हो गईं हैं। बिहार सरकार ने मामले पर कार्रवाई शुरू की तो जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई हैं।

693 पुल 'लावारिस'

जल संसाधन विभाग की जांच में पता चला कि विभिन्न नहरों और नालों पर बने 693 पुल-पुलिया लावारिस हैं यानि करोड़ों की लागत से बने इन पुल और पुलियों को किस विभाग ने बनाया? इनके मेंटेनेंस का जिम्मा किसके पास है? इसका अभी तक पता नहीं चला सका है। अब इन पुल-पुलियों के संबंध में ग्रामीण विकास विभाग से जानकारी मांगी गई है। यह भी पढ़ें- अडानी ग्रुप से सेबी चीफ माधबी का कनेक्शन? हिंडनबर्ग के दावे पर कांग्रेस का रिएक्शन, 10 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला

14 जिलों के 693 पुल

ये पुल बिहार के मुजफ्फरपुर, चम्पारण, मधुबनी, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सारण, सीवान, सहरसा, कटिहार, वैशाली और पूर्णिया में मौजूद हैं। इनमे अधिकतर पुल जर्जर अवस्था में हैं। इस रिपोर्ट के बाद ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश में सम्बंधित जिलाधिकारियों को जल संसाधन विभाग द्वारा की गई जांच की सूची सौंपी गई है। इस सूची में 14 जिलों के 693 पुल-पुलियों के नाम दर्ज हैं। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट में इनके निर्माण एजेंसियों के संबंध में "अज्ञात" लिखा गया है।

करोड़ों की लागत में बने पुल

बता दें कि बिहार के अररिया जिले से भी एक तस्वीर सामने आई थी। खेत के बीच में बने इस पुलिस के नीचे ना नदी थी और ना ही कोई नाला। इस पुल को लेकर भी बिहार सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। अररिया जिले के फारबिसगंज, रानीगंज और जोकीहाट में कई ऐसे कई सारे पुल मिले हैं, जिसको करोड़ों की लागत से बना तो दिया गया है लेकिन इनका उपयोग नहीं हो रहा है, क्योंकि इनका संपर्क पथ ही नहीं बना है। ऐसे पुल के दोनों तरफ किसानो की जमीन है, जिसका अधिग्रहण तक नहीं हुआ है। जब कि जोकीहाट का एक पुल ऐसा है जिसे बने हुए आठ साल हो गए लेकिन अब तक संपर्क पथ नहीं बना। नतीजतन साढ़े तीन करोड़ की लागत से बना पुल बेकार पड़ा हुआ है और अब जर्जर भी हो रहा है। यह भी पढ़ें- कौन हैं संदीप कुमार? वायरल हो चुका सेक्स टेप; पहले AAP से निकाले गए अब BJP ने भी कहा ‘गेट आउट’


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