हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Assam Earthquake: असम के सोनितपुर में 4.4 तीव्रता का भूकंप; गुवाहाटी और अन्य क्षेत्रों में भी महसूस किए गए झटके

विज्ञापन
बिहार के कई जिलों में भूकंप के झटके लगे हैं।

Assam Earthquake: असम के कुछ हिस्सों में सोमवार सुबह 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में कुछ सेकंड के लिए तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र सोनितपुर था।

NCS के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 दर्ज की गई। भूकंप की गहराई 15 किमी था। जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके असम के विभिन्न हिस्सों में भी महसूस किए गए।

मेघालय और अरुणाचल में भी लगे झटके

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। अभी तक किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं है। बता दें कि रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। चंडीगढ़ समेत पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

विज्ञापन

ये भी पढ़ेंः Opposition Unity: बिहार में बनेगी विपक्ष के मिशन 2024 की रणनीति! पटना में बैठक के लिए कांग्रेस ने स्वीकारा नीतीश का निमंत्रण

भूकंप के दौरान क्या करें? 

  • भूकंप आने की स्थिति में हमेशा शांत रहना चाहिए और दूसरों को आश्वस्त करना चाहिए।
  • घटना के दौरान, हमेशा सबसे सुरक्षित जगह की तलाश करनी चाहिए। जैसे- खुली जगह, इमारतों से दूर खड़े होना चाहिए।
  • घर के अंदर रहने वाले वैसे लोग जो समय रहते नहीं निकल पाते, उन्हें डेस्क, टेबल या बिस्तर के नीचे छिप जाना चाहिए। साथ ही शीशे वाले खिड़कियों से दूर रहना चाहिए।
  • शांत रहते हुए इमारत से बाहर जाने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे भगदड़ मच सकती है।
  • यदि बाहर हैं तो इमारतों और बिजली के तारों से दूर हट जाना चाहिए और चलते वाहनों को तुरंत रोक देना चाहिए।

कितनी तीव्रता वाला भूकंप कितना खतरनाक

  • 0 से 1.9- सिर्फ सिस्मोग्राफी से पता चलेगा।
  • 2 से 2.9- हल्के झटके लगते हैं।
  • 3 से 3.9- कोई तेज रफ्तार गाड़ी आपके बगल से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
  • 4 से 4.9- खिड़कियां हिलने लगती है। दीवारों पर टंगे सामान गिर जाते हैं।
  • 5 से 5.9- घरों के अंदर रखे सामान जैसे फर्नीचर आदि हिलने लगते हैं।
  • 6 से 6.9- कच्चे मकान और घर गिर जाते हैं। घरों में दरारें पड़ जाती है।
  • 7 से 7.9- बिल्डिंग और मकानों को नुकसान होता है। गुजरात के भुज में 2001 और नेपाल में 2015 में इतनी तीव्रता का भूकंप आया था।
  • 8 से 8.9- बड़ी इमारतें और पुल धाराशायी हो जाते हैं।
  • 9 और उससे ज्यादा- सबसे ज्यादा तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे भी धरती हिलती हुई दिखेगी। जापान में 2011 में सुनामी के दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 9.1 मापी गई थी।
  • और पढ़िए – देश से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola