पंडित जवाहर लाल नेहरू को लेकर बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा में बयान पर माहौल गर्म हो रहा है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया सामने आई है।
दरअसल, शाह ने कहा था कि जम्मू कश्मीर से जुड़े दो विधेयकों को लेकर कहा कि इस राज्य को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की वजह से दो बड़ी गलतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर पंडित नेहरू ने सही कदम उठाए होते तो पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा होता। अमित शाह ने इसे एतिहासिक गलती बताया।
शाह ने लोकसभा में कहा था कि जम्मू-कश्मीर ने दो बड़ी गलतियां झेली हैं। पहली गलती यह थी कि जब हमारी सेना जीत रही थी तब सीजफायर लागू कर दिया गया था। अगर तीन दिन बाद ऐसा किया जाता तो पाक अधिकृत कश्मीर आज भारत में होता। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी गलती हमारे आंतरिक मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र में ले जाना था।
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क्या बोले जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम
वहीं, शाह की इस टिप्पणी पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उस समय सेना पुंछ और राजौरी को बचाने में लगी थी। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो पुंछ और राजौरी भी पाकिस्तान में चले जाते। तब इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था। उन्होंने कहा कि लॉर्ड माउंटबेटन और सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी सुझाया था कि यह मामला संयुक्त राष्ट्र में जाना चाहिए।
पीड़ितों को अधिकार दिलाएंगे ये बिल
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 और जम्मू-कश्मीर पुनर्निर्माण संशोधन विधेयक 2023 पर चर्चा के दौरान कहा कि ये बिल उन लोगों को अधिकार उपलब्ध कराने के लिए हैं जिन्होंने अन्याय व अपमान का सामना किया है और जिन्हें नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये विधेयक उन लोगों को न्याय दिलाएंगे जिन्हें अपने ही देश में शरणार्थी बनने पर मजबूर होना पड़ा था। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि अधिकार देने में और सम्मान के साथ अधिकार देने में बहुत अंतर होता है।
कांग्रेस के बुरा नहीं लगना चाहिए: प्रज्ञा ठाकुर
वहीं, भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शाह के बयान पर कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने खुद यह बात स्वीकार की थी और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी आज वही बात कही है। अब अगर कांग्रेस को इससे बुरा लग रहा है तो ऐसा महसूस करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें स्वीकार करना चाहिए कि उनके नेता ने ऐसा किया था। यह एक गलती थी और यह बात माननी चाहिए।
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