TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

अयोध्या के बाद गोवा में भी राम नाम की गूंज, PM मोदी ने 77 फीट ऊंची प्रतिमा का किया अनावरण; जानें क्यों है ये खास?

PM Modi in Goa: गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण पारतागली जीवत्तम मठ की 550वीं वर्षगांठ को रधा पंचाशतमानोत्सव के तौर पर मनाया गया. इसी दौरान पीएम मोदी ने भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण किया.

PM Modi in Goa: राम जन्मभूमि अयोध्या में 25 नवंबर को रामलला मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण किया. अब पीएम मोदी ने अपने गोवा में भी कुछ ऐसा किया जिसके बाद वहां की गलियां राम नाम के जयकार से गूंज उठीं. पीएम नरेंद्र मोदी ने गोवा के दक्षिण गोवा जिले में स्थित श्री संस्थान गोकर्ण पारतागली जीवत्तम मठ में भगवान श्रीराम की 77 फीट ऊंची कांस्य की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया. यह प्रतिमा विश्व की सबसे लंबी भगवान राम की मूर्ति मानी जा रही है, जिसे प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने डिजाइन किया है. राम सुतार ने ही गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को डिजाइन किया था.

गोवा में मनाया गया रधा पंचाशतमानोत्सव


गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण पारतागली जीवत्तम मठ की 550वीं वर्षगांठ को रधा पंचाशतमानोत्सव के तौर पर मनाया गया. इसी दौरान पीएम मोदी ने भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण किया, साथ ही उन्होंने रामायण थीम पार्क का भी उद्घाटन किया. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि जब समाज एकजुट होता है और हर क्षेत्र मिलकर आगे बढ़ता है, तभी देश प्रगति करता है. उन्होंने भारत में हो रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का जिक्र करते हुए अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के नवीनीकरण को इसका प्रमाण बताया.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: बहुविवाह प्रथा पर पहली बार कब लगा था प्रतिबंध, क्या कहता है इंडियन पीनल कोड का सेक्शन 494?

---विज्ञापन---

क्यों खास है ये प्रतिमा?


पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट मंत्री दिगंबर कामत के मुताबिक पीएम मोदी द्वारा अनावरण की गई प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा है. इस प्रतिमा से मठ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता और बढ़ेगी. दिगंबर कामत ने कहा कि कांस्य निर्मित यह प्रतिमा आने वाले समय में गोवा पर्यटन के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बनने की उम्मीद है.

पीएम मोदी ने क्या कहा?


मोदी ने गोवा की संस्कृति की वह विशेषता भी बताई कि कैसे समय-समय पर चुनौतियों के बावजूद गोवा ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखा और उसे पुनर्जीवित किया. उन्होंने मठ की पांच सौ वर्षों से अधिक की गाथा का स्मरण करते हुए बताया कि यह संस्थान समय की कई आंधियों और परिवर्तनों से गुजरा लेकिन अपनी दिशा नहीं खोई. मठ आज लोगों के लिए मार्गदर्शन का केंद्र है, जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है.


Topics: