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क्यों घटते हैं प्लेटलेट्स, जिससे बढ़ता है बीमारियों का खतरा, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Why Platelets Decrease do not Ignore these Symptoms: प्लेटलेट्स हमारे शरीर की ऐसी कोशिकाएं होती हैं, जो ब्लड को बहने से रोकती हैं। प्लेटलेट्स की संख्या नियमित शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है।

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Why Platelets Decrease do not Ignore these Symptoms: शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या को मेंटेन रखना बहुत ही जरूरी होता है। प्लेटलेट्स काउंट कम होने पर किसी भी व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। प्लेटलेट्स हमारे शरीर की ऐसी कोशिकाएं होती हैं, जो ब्लड को बहने से रोकती हैं। लो प्लेटलेट्स की संख्या नियमित शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी स्थिति में प्लेटलेट्स की संख्या में कमी या वृद्धि होने लगती है तो, कई तरह की बीमारियां होनी शुरू हो जाती हैं। आमतौर प्लेटलेट्स की कमी ही समस्या का कारण बनती है।

प्लेटलेट्स की संख्या में कमी होने पर विभिन्न प्रकार के लक्षण महसूस होते हैं। प्रेगनेंसी के कारण प्लेटलेट्स काउंट में मामूली गिरावट आ सकती है, जबकि प्लेटलेट्स काउंट में अत्यधिक गिरावट होने पर लगातार ब्लीडिंग के लक्षण देखे जाते हैं। इस दौरान ब्लीडिंग इतना ज्यादा होता है कि आपको मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है।

प्लेटलेट्स कम होने के कारण

शरीप में प्लेटलेट्स कम होने का कारण ल्यूकेमिया, विटामिन बी 12 या आयरन की कमी, शराब का ज्यादा सेवन करना, गर्भावस्था, इत्यादि हो सकता है। दरअसल, ये ज्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से और इंफेक्शन के कारण भी कम हो सकता है।

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अगर आपके प्लेटलेट्स काउंट में कमी होती है, तो निम्न लक्षण महसूस हो सकते हैं

शरीर पर भूरे, लाल और जामुनी रंग के निशान हो सकते हैं। इस स्थिति को पुरपुरा भी कहा जाता है।
लाल व जामुनी रंग के छोटे-छोटे रैश हो सकते हैं।
नाक से ब्लीडिंग होना।
गम से ब्लीडिंग होना।
देर तक घावों से खून बहते रहना
पीरियड में अधिक ब्लीडिंग होना।
मलाशय के माध्यम से ब्लड आना।
मल में ब्लड आना।
यूरिन में ब्लड आना।

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इसके अलावा यदि आपको आंतरिक रक्तस्त्राव के कोई भी लक्षण महसूस हों तो, तुरंत चिकित्सक के पास जाकर इलाज कराएं। प्लेटलेट्स की कमी होने पर, इसके कुछ दुर्लभ मामलों में आप सिरदर्द व तंत्रिका संबंधी समस्या महसूस कर सकते हैं। इस तरह की स्थिति में सिर के अंदर भी रक्तस्त्राव हो सकता है। ऐसा होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

नेशनल हार्ट, लंग और ब्लड इंस्टिट्यूट के मुताबिक, एडल्ट्स के खून में प्लेटलेट्स की रेंज 150,000 से 450,000 प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलीटर होती है, यदि किसी व्यक्ति के खून में प्लेटलेट्स काउंट 150,000 प्रति माइक्रोलीटर से घट जाय तो, इसे लो प्लेटलेट्स कहा जाता है।

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इन चीजों से बढ़ाएं प्लेटलेट्स की संख्या

आप अपने प्लेटलेट्स काउंट को कुछ विटामिन्स और मिनरल्स को डाइट में शामिल करने से बढ़ा सकते हैं। जैसे- हरी पत्तेदार सब्जियां, लोबिया, कीवी, स्ट्रॉबेरी, सिट्रिक फ्रूट्स जैसे संतरा और ग्रेपफ्रूट्स, अंडे का पीला भाग, ऑयली फिश, फिश लीवर ऑयल, मशरूम, ऑरेंज जूस, सोया मिल्क आदि।

प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने के लिए पपीते के पत्ते के रस को बहुत ही उपयोगी माना जाता है। वर्ष 2017 में हुई एक स्टडी में यह पाया गया था कि पपीते के पत्तों से निकलने वाले रस का सेवन करके प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाया सकता है।

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