WHO Recommends Second Malaria Vaccine: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक सस्ती मलेरिया वैक्सीन की सिफारिश की है। डब्ल्यूएचओ ने बच्चों में मलेरिया की रोकथाम के लिए जिस नए टीके की सिफारिश की है, उसका नाम- आर21/मैट्रिक्स-एम है। टीकाकरण पर विशेषज्ञों के रणनीतिक सलाहकार समूह (SAGE), मलेरिया नीति सलाहकार समूह (एमपीएजी) और 25-29 सितंबर को आयोजित द्विवार्षिक बैठक के बाद डब्ल्यूएचओ महानिदेशक ने इसका समर्थन किया। बताया जा रहा है कि ये वैक्सीन अगले साल बाजार में उपलब्ध होगी।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने किया विकसित
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित नई आर21/मैट्रिक्स-एम वैक्सीन को पहले ही तीन अफ्रीकी देशों में उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई है। एक खुराक की कीमत $2 और $4 यानी लगभग 166 से 335 रुपये के बीच होगी।
यह मलेरिया का केवल दूसरा टीका है। मलेरिया की वजह से हर साल लाखों शिशुओं की मौत हो जाती है। यह स्वास्थ्य के सबसे बड़े संकटों में से एक है। जानकारी के अनुसार, हर साल 10 करोड़ से ज्यादा खुराक बनाने के लिए पहले से ही एग्रीमेंट किए जा चुके हैं। मलेरिया के खिलाफ प्रभावी टीके विकसित करने में वैज्ञानिक कई सालों से प्रयास में लगे हैं। WHO ने SAGE की सलाह पर डेंगू और मेनिनजाइटिस के लिए नए टीकों के साथ-साथ टीकाकरण कार्यक्रम और COVID-19 के लिए भी सिफारिशें जारी कीं।
WHO के अनुसार, मलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है। यह वायरस से कहीं अधिक ज्यादा बड़ा है। मलेरिया से पीड़ित होकर स्वाभाविक रूप से इम्यून सिस्टम डवलप करना कठिन हो जाता है। इसके खिलाफ टीका विकसित करना भी काफी मुश्किल काम रहा है।
मलेरिया की दूसरी वैक्सीन
R21 वैक्सीन, RTS,S/AS01 वैक्सीन के बाद WHO द्वारा रिकमंड की गई मलेरिया की दूसरी वैक्सीन है। पहली वैक्सीन को 2021 में WHO की सिफारिश मिली थी। दोनों टीकों को बच्चों में मलेरिया को रोकने के लिए सुरक्षित और प्रभावी बताया गया है। आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 5 लाख बच्चे इस बीमारी से मर जाते हैं। मीडिया ब्रीफिंग में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेबियस ने कहा- मैं उस दिन का सपना देखता था जब हमारे पास मलेरिया के खिलाफ एक सुरक्षित और प्रभावी टीका होगा। अब हमारे पास दो टीके हैं।
अफ्रीका में बचाई जा सकती हैं हजारों जान
अफ्रीका के लिए डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय निदेशक मात्शिदिसो मोइती ने इस सिफारिश के महत्व पर जोर देते हुए कहा- यह दूसरा टीका भारी मांग और आपूर्ति के अंतर को कम करने की वास्तविक क्षमता रखता है। दोनों टीके मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। ये इस घातक बीमारी से अफ्रीका में हजारों युवाओं की जान बचा सकते हैं। अफ्रीका के कम से कम 28 देश अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में WHO द्वारा अनुशंसित मलेरिया वैक्सीन पेश करने की योजना बना रहे हैं। वैक्सीन एलायंस ‘गावी’ ने 18 देशों में मलेरिया के टीके लगाने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है।
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