Yoga For Uric Acid: किसी भी इंसान का खानपान यूरिक एसिड की वृद्धि का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। आजकल लोग जिस तरह के खाने के शौकिन हैं, उससे यूरिक एसिड का बढ़ना बहुत ही आम-सी बात है।
यूरिक एसिड को योगासन से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता हैं, तो चलिए जान लेते हैं कि आखिर यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कौन-से योगासन बेहतर हैं।
इन 5 योगासन से कंट्रोल हो सकता है यूरिक एसिड
1. भुजंगासन नियंत्रित करता है यूरिक एसिड
जिन लोगों को यूरिक एसिड के बढ़ने की परेशानी हैं, उनके लिए भुजंगासन एक सरल और बेहतर ऑप्शन हैं। इसके करने के लिए आपको कोबरा की तरह लेट होता हैं।
आप पेट के बल लेटे और अपनी हथेली को कंधे की सीध में लाएं और धीरे धीरे ऊपर की ओर उठें, धीरे धीरे सांस लें और छोड़ें, ध्यान रहे कि इस अवस्था में खिंचाव शरीर के आगे के भाग से नाभी तक जाए।
इसके बाद धीरे से सांस छोड़ते हुए वापस उसी मुद्रा में आ जाएं। इस क्रिया शुरू में आप 3 से 4 बार दोहरा सकते है।
2. उष्ट्रासन भी बेहतर ऑप्शन
उष्ट्रासन करने के लिए सबसे पहले आप घुटनों के बल बैठ जाएं और अपनी जांघों और पैरों को चिपकाकर रखें। इसके बाद पंजे पीछे की ओर हो और फर्श में रखे हुए हो।
अपने हाथों को धीरे धीरे पीछे की तरफ ले जाएं और एक ऊंट की मुद्रा में आ जाएं। इस प्रक्रिया को भी 3 से 4 बार करें और ध्यान रहे कि आसन के समय नाभि पर जोर पड़े।
Best fruits for Uric Acid:यूरिक एसिड वालों के लिए ये पांच फल हैं रामबाण, रोजाना करें सेवन
3. त्रिकोणासन भी मददगार
त्रिकोणासन करने के लिए आपको सीधे खड़े होना है और दोनों हाथों को सावधान की मुद्रा में ले जाएं। धीरे धीरे अपने पांव खोलें और दाहिने हाथ को सर के पीछे से बांए कान की तरफ ले जाएं। इसी प्रकार बांए हाथ को दाएं कान की तरफ ले जाएं, लेकिन ध्यान रहे कान छूना नहीं है।
हाथ को सीधा रखना है और कान की दिशा में धीरे-धीरे झुकना है। इसके करते समय आपके पांवों के बीच 2 से 3 फिट का फासला जरूरी है।
इसके साथ ही हाथ और पांव एकदम सीधे होने चाहिए। धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए वापस अपनी अवस्था में आ जाएं और ऐसे ही इस प्रक्रिया को 3 से 4 बार करें।
4. पवनमुक्तासन भी फायदेमंद
पवनमुक्तासन करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के सहारे लेट जाएं और अपने पांवों को फैलाते हुए ऊपर की तरफ ले जाएं।
साथ ही अपने हाथों से घुटनों को घेरकर पकड़ लें और घुटनों से ठोड़ी को छूने की कोशिश करें और धीरे धीरे वापस पांव नीचे रख लें। इस अवस्था में ध्यान रहे कि जोर आपकी नाभी में पड़े और इसे 3 से 4 बार करना हैं।
5. मण्डूकासन भी कारगर
मण्डूकासन करने के लिए आपको घुटनों के बल बैठकर अपने सिर को आगे की तरफ ले जाना है और अपनी गर्दन और सिर को धीरे धीरे उठाएं और नजर सामने रखें, यह ध्यान रखें कि नाभि में खिंचाव महसूस हो।
इस मुद्रा में धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे छोड़ें, फिर वापस सीधे बैठ जाएं। इस क्रिया को भी 3 से 5 बार दोहराना है।
Disclaimer: संबंधित लेख पाठक की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए है। न्यूज24 इस लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इसके बारे में चिकित्सीय सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
संबंधित खबरें
फैटी लिवर को कंट्रोल करना है? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से बना लें दूरी
4 hrs agoक्या आप भी बहुत देखते हैं फोन, परेशान कर सकती है ड्राई आई की समस्या
5 hrs agoडेस्क जॉब करने वालों को करना चाहिए ताड़ासन, Baba Ramdev ने बताया तरीका
6 hrs agoसीने-पेट की दर्द को समझ रहे हैं एसिडिटी? कहीं गॉलस्टोन तो नहीं दे रहा धोखा!
7 hrs agoभूलने की बीमारी और उम्र के साथ होने वाली भूलने की आदत में क्या है अंतर?
9 hrs agoलिवर सिरोसिस के इन 7 लक्षणों को कभी ना करें नजरअंदाज, AIIMS ने दी सलाह
9 hrs agoबच्चे की ग्रोथ अच्छी रखने में मदद करते हैं ये फूड्स, ICMR से जानिए
12 hrs agoक्या गैस और ब्लोटिंग से राहत दिला सकता है लहसुन-प्याज? योग गुरु बाबा से जान
13 hrs agoडायबिटीज की मरीज महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा भी रहता है ज्यादा
13 hrs agoकमर के एक तरफ उठता है तेज दर्द और बेचैनी? किडनी स्टोन का हो सकता है लक्षण
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines