Scrub Typhus Symptoms: हिमाचल प्रदेश जो अभी तक बाढ़ के डर से नहीं निकल पा रहा था कि एक संक्रमण जान पर बना हुआ है। इस जीवाणु की वजह से शिमला में 9, ओडिशा में 5 लोगों की जान चुकी है। यह संक्रमण काफी खतरनाक हो सकता है। स्क्रब टाइफस एक ऐसा इंफेक्शन है जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी (Orientia Tsutsugamushi) नामक बैक्टीरिया से फैलता है।
ये घुन (अनाज को खाकर पोला कर देनेवाला लाल रंग का कीड़ा) जैसा दिखता है। ये हरी घास, चूहों और गिलहरियों में पाया जाता है। इसके टच में आने से लोग इंफेक्टड होते हैं। यह बारिश के टाइम में काफी ज्यादा होता है। भारत समेत साउथईस्ट एशिया, इंडोनेशिया, चीन, जापान में इस संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसके लक्षण 10 दिन के बीतर दिखने शुरू हो जाते हैं। अगर तरीके से इसका ट्रिटमेंट नहीं करते हैं, तो ये शरीर के कई अंगों को डैमेज कर सकता है।
जब आपको स्क्रब टाइफस के संक्रमण का पता चल जाए तो इसका इलाज आसान हो जाता है। इसके लिए एंटीबायोटिक का यूज किया जाता है, लेकिन इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि मेडिसिन डॉक्टर के अंडर में रहकर लें।
बचाव
वैसे तो इस संक्रमण को कोई वैक्सीन नहीं है। लेकिन आप ऐसी जगह जाने से बचें जहां पर इंफेक्टड कीड़े होते हैं और ज्यादातर पहाड़ों पर होते हैं।
Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।