Sex Reassignment Surgery: पूर्व इंडियन क्रिकेटर संजय बांगर के बेटे आर्यन ने अपना जेंडर चेंज करवाया है, अब वे अनाया हो गए हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस हार्मोनल ट्रांसफॉर्मेशन? या सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी में कितना खर्च आता है? क्या इसे करवाने के बाद ट्रांसजेंडर पिता बन सकता है, आइए इस खबर में आपको इन सब सवालों के जवाब देने की कोशिश करते हैं।

सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी करने वाला पहला देश

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्वीडन फ्री सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी और इस पर कानून लाने वाला पहला देश था। स्वीडन ने साल 1972 में ट्रांसजेंडर लोगों के लिए ये सर्जरी और उसके बाद मुफ्त हार्मोन देना फ्री कर दिया था। इसके बाद 1973 में सिंगापुर ने इस सर्जरी को फ्री कर दिया था। दिल्ली में 2022 में सरकारी अस्पतालों में ये सर्जरी शुरू हुई थी। बता दें ईरान दुनिया में एकमात्र इस्लामिक देश है जहां सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी को कानून में मान्यता दी गई है।

सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी में कितना खर्च आता है?

डॉक्टरों के अनुसार सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी में 10 से 15 लाख रुपये तक का खर्च आता है। इंडिया समेत कई देशों में इस सर्जरी की सरकारी अस्पतालों में फ्री किया जाता है। इंडिया में केंद्र सरकार की कुछ पॉलिसी के तहत इस सर्जरी का आंशिक खर्च भी उठाया जाता है। इस सर्जरी को फ्री करने वालों की मांग है कि ज्यादातर ट्रांसजेंडर इतना खर्च वहन नहीं कर सकते हैं, ऐसे में सरकार जीवन के मौलिक अधिकारों के तहत इसे फ्री उपलब्ध करवाया जाए। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में ट्रांसजेडर लोगों की काउंसिलिंग और मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। ये भी पढ़ें: पति के होते हुए पैदा किए प्रेमी के दो बच्चे, तीसरी बार प्रेग्नेंसी पर खुली सच्चाई तो… [caption id="attachment_949623" align="alignnone" ] आर्यन से अयाना बने संजय बांगर के बेटे[/caption]

कैसे होती है सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी?

जानकारी के अनुसार इसमें महिला या पुरुष के हार्मोंस में बदलाव कर उनके जेंडर को बदल दिया जाता है। इसमें प्लास्टिक सर्जरी भी की जाती है, इंडिया में 2014 में इसे मान्यता मिली थी। इस सर्जरी को करने के बाद शादी करने पर अपनी सर्जरी के मेडिकल सर्टिफिकेट रिवील करने पड़ते हैं।

सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी या हार्मोनल ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में ये जानना जरूरी

  • सर्जरी में एक मनोरोग विशेषज्ञ, एक सर्जन, एक गाइनेकोलॉजिस्ट और एक न्यूरो सर्जन की टीम होती है।
  • ये सर्जरी केवल 21 साल से ज्यादा उम्र के लोगों पर ही की जाती है।
  • सर्जरी करवाने से पहले अखबारों में विज्ञापन और भारत के राजपत्र में अधिसूचना देनी होती है।
  • महिला के तौर पर जन्म लेने वाली 'सिसजेंडर फीमेल' और 'ट्रांसजेंडर मेल' प्रेग्नेंट हो सकते हैं।
  • केवल वही ट्रांसजेंडर प्रेग्नेंट हो सकते हैं जिनमें फीमेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स के साथ यूट्रस होता है
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