Diabetes Symptoms Causes and Treatment: एक वक्त हुआ करता था जब डायबिटीज को अमीरों की बीमारी कहा जाता था, लेकिन अब ये बीमारी ऊंच-नीच या अमीर-गरीब का फर्क करना छोड़ चुकी है। सरल भाषा में कहें तो डायबिटीज हर किसी को अपना चपेट बना रही है। पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखें जाएं तो हर तीसरा व्यक्ति डायबिटीज का रोगी हो गया है। इनमें कुछ मरीज ऐसे भी हैं जो अपनी लाइफस्टाइल में सही रूटीन फॉलो न करने के कारण डायबिटीज की चपेट में हैं। जबकि, कुछ लोग तो अपने दादा परदादा या मात-पिता के कारण यानी जेनेटिक कारणों से भी डायबिटीज यानी मधुमेह के शिकार हो जाते हैं।
डायबिटीज की बीमारी क्यों होती है?
शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने पर डायबिटीज की बीमारी होती है। इसे मधुमेह के नाम से भी जाना जाता है। अगर पैंक्रियाज से सही मात्रा में अगर एक्टिव इंसुलिन बाहर नहीं आते हैं तो ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है जिससे ये बीमारी हो सकती है। इसे डायबिटीज, शुगर या मधुमेह भी कहा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक इंसुलिन पैंक्रियाज द्वारा उत्पादित एक हार्मोन है जो शरीर में सेल्स द्वारा ग्लूकोज के अवशोषण और उपयोग को कंट्रोल करता है।
डब्ल्यूएचओ की मानें तो भारत में 18 साल से ज्यादा उम्र के 77 मिलियन एडल्ट्स हैं जिनको टाइप 2 मधुमेह है और करीब 25 मिलियन प्री-डायबिटीज हैं। हालांकि, इस बात 50 प्रतिशत से ज्यादा लोग अनजान भी हैं जो कि सही नहीं है। इस गंभीर बीमारी से अपने आपको बचाने के लिए आपका जागरूक होना भी जरूरी है।
डायबिटीज कितने प्रकार के हैं?
वैसे तो डायबिटीज के कई प्रकार हैं, जिनमें से टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज बहुत आम है। बात करें टाइप 1 मधुमेह की तो ये बचपन में ही विकसित हो जाता है। जबकि, टाइप 2 डायबिटीज होने के कई कारण हैं जैसे- मोटापा होना, बेकार लाइफस्टाइल होना, किसी तरह की कोई फिजिकल एक्टिविटी न होना या जेनेटिक कारणों से भी मधुमेह हो सकता है।
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डायबिटीज के प्रमुख लक्षण कौन से हैं?
- अधिक प्यास लगना
- सुस्ती महसूस होना
- पेशाब का बढ़ जाना
- भूख का बढ़ना
- आंखों का कमजोर होना
- अचानक वजन कम होना
- पैरों या हाथों का सुन्न होना
- घाव या चोट के ठीक होने में अधिक समय लगना
आवश्यक हेल्थ टेस्ट
- A1C टेस्ट
- ग्लूकोज चैलेंज टेस्ट
- ओरल ग्लूकोज टैलेंट टेस्ट
- रैंडम प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट
- फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट
Diabetes Treatment Options
- इंसुलिन थेरेपी
- ऑरल मेडिसिन
- हेल्दी डाइट लेना
- रोजाना फिजिकली एक्टिविटी
- कार्बोहाइड्रेट सेवन की निगरानी करना
- ब्लड शुगर के लेवल की निगरानी करना
डायबिटीज को कैसे खत्म किया जाए?
डायबिटीज एक ऐस बीमारी है जिसे खत्म तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन कंट्रोल किया जा सकता है। ऊपर बताए गए ट्रीटमेंट ऑप्शन्स को अपनाने के अलावा आप घरेलू उपचार भी अपना सकते हैं। शरीर में बढ़ रहे शुगर को कंट्रोल करने के लिए आप मेथी दाने से बना पाउडर रातभर पानी में भिगोकर सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा बथुआ का पानी या अन्य भी कई घरेलू उपचार हैं जिन्हें अपना सकते हैं।
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डायबिटीज में क्या क्या नहीं खाना चाहिए?
डायबिटीज के मरीजों को कार्बोहाइड्रेट युक्त चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मीठी चीजों से भी परहेज करना चाहिए। इसके अलावा समय-समय पर अपना ब्लड शुगर लेवल भी चेक करते रहना चाहिए।
Disclaimer: उपरोक्त जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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