Covid-19 Pandemic: आज से ठीक 5 साल पहले यानी 2020 में WHO ने कोविड को महामारी घोषित किया था। इस वायरस ने 1 नहीं बल्कि दुनिया के 114 देशों को अपनी चपेट में लिया था। कोविड से अनगिनत मौतें हुई थीं, जिसने इंसानों की रूह तक को कंपा दिया था। हर दिन लाखों की तादाद में दुनियाभर में लाशों का अंबार लगता था। दुनिया के 114 देशों में इस वायरस के चलते लॉकडाउन लगाया गया था। 11 मार्च तक दुनिया भर में 11,800 कोविड के एक्टिव केस दर्ज किए गए थे, जिसके चलते इसे महामारी घोषित किया गया था।
इतिहास के पन्नों में दर्ज आज का दिन
हालांकि, इतिहास में याद रखने के लिए हम अच्छी चीजों को चुनते हैं लेकिन कई बार कोविड की बीमारी ऐसी थी, जिसने पूरी दुनिया को अंधेरे और मौत के जीते-जागते कुएं में धकेल दिया था। कुछ घर तो ऐसे थे, जहां पूरा परिवार ही इस वायरस की चपेट में आने से खत्म हो गया था। 11 मार्च 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया था, जिसके बाद संपूर्ण मानव जाति इस संकट से लड़ने के लिए एकजुट हो गई थी। कोविड की शुरुआत 2020 में एक निमोनिया संक्रमण से हुई थी, जिसके उपचार की कोई जानकारी नहीं थी। भारत में 31 जनवरी 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था।
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चीन से आया था यह जानलेवा वायरस
चीन के शहर वुहान में इस वायरस की पुष्टि सबसे पहले हुई थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस वायरस के दुनियाभर में फैलने की वजह चीनी लोगों का एक देश से दूसरे देश जाना या वहां से घूमने या रहने वाले लोगों का आना था। वहां के लोग संक्रमित थे, जो और लोगों के संपर्क में आए और उन्हें भी संक्रमित किया। ऐसे ही इस वायरस के फैलने का प्रोसेस आगे बढ़ता रहा।
पांच वर्ष पूरे हुए
11 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस प्रकोप को वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह घोषणा 114 देशों में 118,000 से अधिक COVID-19 मामले सामने आने के बाद की गई थी। उस समय, वैश्विक मृत्यु दर 4,291 थी। इस घोषणा के परिणामस्वरूप शटडाउन, सामाजिक दूरी और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिबंधों की लहर आई, जिसने दुनिया को बदल दिया। भारत उन पहले कुछ देशों में शामिल था जिसने महामारी के खिलाफ निवारक उपाय के रूप में देशभर में लॉकडाउन की घोषणा की थी।
COVAX, एक वैश्विक पहल
स्वास्थ्य एजेंसी ने COVID-19 प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC, Public Health Emergency Of International Concern) घोषित किया था, जो 30 जनवरी, 2020 को उच्चतम स्तर का अलार्म था। उसी वर्ष 11 दिसंबर को यूनाइटेड किंगडम (UK) में कोरोनावायरस के पहले टीके भी लोगों को लगाए गए थे। वैश्विक स्तर पर, महामारी ने COVAX नामक एक पहल को जन्म दिया जिसका उद्देश्य टीकों तक त्वरित और निष्पक्ष पहुंच सुनिश्चित करना था। WHO ने तीन वर्ष बाद 5 मई, 2023 को औपचारिक रूप से वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की समाप्ति की घोषणा की।
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