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क्या वायु प्रदूषण आपके दिमाग को प्रभावित कर सकता है? फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट Dr. Vinit Banga ने किया एक्सप्लेन

Delhi-NCR AQI: वायु प्रदूषण से फेफड़े प्रभावित होते हैं ये तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या वायु प्रदूषण दिमाग की दिक्कतों की भी वजह बन सकता है? इस बारे में बता रहे हैं फॉर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर ऑफ न्यूरोलॉजी डॉ. विनित बंगा.

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वायु प्रदूषण का दिमाग पर क्या असर होता है, यहां जानिए.

Air Pollution Effects On Brain: दिल्ली-एनसीआर जहरीली हवा का चेंबर बन चुका है. आयदिन दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (Delhi AQI) 400 के पार होता है. यह जहरीली हवा आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में दिक्कत और स्किन एलर्जी जैसी आम दिक्कतों की वजह तो बनती ही है साथ ही इससे फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं वायु प्रदूषण आपके दिमाग को भी नुकसान पहुंचा रहा है? फोर्टिस अस्पताल (Fortis Hospital) के डायरेक्टर ऑफ न्यूरोलॉजी डॉ. विनित बंगा ने बताया कि वायु प्रदूषण किस तरह दिमागी सेहत को प्रभावित करता है और ब्रेन को इससे कौन-कौन से नुकसान (Brain Damage) हो सकते हैं. आइए न्यूरोलॉजिस्ट से ही जानते हैं कि वायु प्रदूषण किन-किन दिमागी बीमारियों की वजह बन सकता है.

वायु प्रदूषण का दिमाग पर प्रभाव | Air Pollution Effects On Brain

डॉ. विनित बंगा ने बताया कि दिल्ली की जहरीली हवा ना सिर्फ शारीरिक रूप से खतरनाक है बल्कि इसके नुकसान मानसिक तौर पर नजर आने लगते हैं. डॉक्टर ने बताया कि वायु प्रदूषण के लगातार संपर्क में आने से ब्रेन डैमेज का खतरा बढ़ता है. इसके साथ ही स्ट्रोक (Stroke) आने की संभावना बढ़ती है सो अलग. हवा में मौजूद PM2.5 के कण और टॉक्सिक कण जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोक्साइज फेफड़ों और सर्कुलेटरी सिस्टम में फैल जाते हैं जिससे सिस्टमेटिक डैमेज होने लगता है. ये सारे तत्व क्रोनिक इंफ्लेमेशन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और वैस्कुलर चेंजेस की वजह बनते हैं और इनका प्रभाव दिमाग की सेहत पर पड़ता है.

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हो सकता है डिमेंशिया

लंबे समय तक वायु प्रदूषण से प्रभावित हुआ जाए तो इससे कोग्निटिव डिक्लाइन होने लगता है और न्यूरोजनरेटिव बीमारियों जैसे डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है. डॉ. बंगा ने बताया कि जहरीली हवा में मौजूद सूक्ष्म कण ब्लड ब्रेन बैरियर को क्रॉस करके न्यूरोइंफ्लेमेशन की वजह बनते हैं और ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं.

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याद्दाश्त खोने से लेकर स्ट्रोक तक का खतरा

ब्रेन में इंफ्लेमेशन होने के कारण याद्दाश्त (Memory) प्रभावित हो सकती है. इससे याद्दाश्त कम हो सकती है, सीखने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है और इमोशंस का रेग्यूलेशन प्रभावित हो सकता है. प्रदूषण स्ट्रोक की संभावना को बढ़ाता है, रक्त धमनियों में प्लाक के जमने से दिमाग तक ब्लड फ्लो सही तरह से नहीं हो पाता है जिससे इस्केमिक और हेमोरेजिक स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.

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ऐसे में इस जहरीली हवा से खुद को बचाए रखना जरूरी है. खासतौर से बाहर निकलें तो मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह से ढककर रहें और हो सके तो कम से कम आउटडोर प्लान बनाएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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