Alcoholic Addiction In Females: आज के दौर में नशा करना एक सामान्य बात हो गई है। एल्कोहल, स्मोकिंग या नशे के अलग-अलग तरीकों की डिमांड पुरुषों और महिलाओं, दोनों में तेज है। मगर आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि अब शराब या वेपिंग और स्मोकिंग की मांग पुरुषों से कहीं अधिक महिलाओं में बढ़ गई है। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि महिलाओं का लेडीज नाइट वाला कल्चर इतना घातक हो गया है कि वे समझ ही नहीं पा रही हैं कि यह एक कूचक्र है, जिसमें वह फंसती जा रही हैं लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पा रही हैं। नशाखोरी से उनकी मेंटल, बायोलॉजिकल और सोशल, तीनों लाइफ पर नेगेटिव इंपैक्ट पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं इस पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं।
एक्सपर्ट्स ने पेश किए बड़े तथ्य
हिंदूस्तान टाइम्स के इंटरव्यू में एक हेल्थ पैनल बैठा था जिसमें सर गंगाराम अस्पताल के साइकोलॉजिकल डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉक्टर राजीव मेहता और मेंटल हेल्थ प्रोफेसर, डॉक्टर सत्यव्रत वैद्य शामिल थे। आइए जानते हैं एडिक्शन पर पैनल क्या कहता है।
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एडिक्शन क्या है?
डॉक्टर राजीव मेहता कहते हैं कि Addiction एक ऐसा टर्म है, जो मेडिकली यूज किया जाता है लेकिन यह शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक समस्या है, जिसमें दिमाग को संदेश मिलता है कि हमें कुछ चाहिए, जिसके बिना शायद हम रह नहीं पाएंगे। शराब या तंबाकू की लत के कई पैरामीटर्स होते हैं, जिसमें लोगों को कम या ज्यादा मात्रा में शराब या तंबाकू चाहिए होता है। एक अन्य पैरामीटर है कि कुछ लोगों को किसी काम को करने के लिए भी किसी नशीले पदार्थ की जरूरत होती है और एक जिसमें इंसान को किसी एक नशीले पदार्थ की तलब होती है। महिलाओं का शरीर इस तलब के घेरे में ज्यादा आता है, इसलिए उन्हें नशे से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलता है। डॉक्टर कहते हैं कि नशे की लत की समस्या इन दिनों सबसे ज्यादा बढ़ने का कारण है इन चीजों की अवेलेबिलिटी। अगर ये चीजें लोगों तक आसानी से न पहुंचे तो शायद इस समस्या से बचा जा सकता है।
अन्य एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
डॉक्टर सत्यव्रत वैद्य कहते हैं कि एडिक्शन भी एक क्रोनिक डिजीज है, जो किसी को भी हो सकती है। इस पर वह कहते हैं कि एडिक्शन की सबसे बड़ी परेशानी यहीं है कि इसमें घुसना जितना आसान है, वहां से वापस निकलना उतना ही मुश्किल और अगर इससे निकल गए हैं, तो भी फिर से इसमें आसानी से फंसा जा सकता है।
Addiction के शुरुआती संकेत
डॉक्टर कहते हैं कि किसी भी चीज की लत बढ़ने का सबसे पहला संकेत उसका सेवन ही है। अगर किसी को 1 सिगरेट पीने की आदत भी रोजाना लग गई है, तो यह गंभीर है और एडिक्शन का साइन है। आज की 1 सिगरेट धीरे-धीरे कल 10 में बदल जाएगी और हमें उसका साइड-इफेक्ट नहीं पता चलेगा।
महिलाओं को नुकसान
डॉक्टर राजीव कहते हैं कि महिलाओं को इन दिनों अगर सबसे ज्यादा किसी नशे की लत है, तो वह स्मोकिंग की है। फीमेल्स को सिगरेट पीने का शौक उनके आस-पास के कल्चर से मिल रहा है। साथ ही, सिगरेट अन्य चीजों की तुलना में ज्यादा आसानी से मिल जाने वाला पदार्थ है। सिगरेट पीने से ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ रहा है। महिलाओं को सिगरेट पीने से स्ट्रेस बढ़ रहा है, हार्मोनल इंबैलेंस बढ़ रहा है और हाई बीपी की समस्या भी बढ़ रही है। इन सबके अलावा, महिलाओं में सिगरेट पीने से इंफर्टिलिटी की समस्या सबसे ज्यादा बढ़ रही है।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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