नई दिल्ली: विश्व जैव ईंधन दिवस के अवसर पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को 2जी इथेनॉल संयंत्र समर्पित किया। देश में जैव ईंधन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों को मजबूत करने के लिए यह संयंत्र हरियाणा के पानीपत में स्थापित किया गया है।
हरित ईंधन
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति की पूजा करने वाले हमारे देश में जैव ईंधन प्रकृति की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। हमारे किसान इसे बेहतर ढंग से समझते हैं। हमारे लिए जैव ईंधन का मतलब पर्यावरण को बचाने वाला हरित ईंधन है। यह 2जी एथेनॉल प्लांट का निर्माण करीब 5 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह परियोजना सालाना लगभग 3 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पन्न करेगी। सालाना लगभग 2 लाख टन चावल के भूसे (पराली) के उपयोग से ऐसा किया जाएगा।
इससे रोजगार मिलेगा
आगे वह बोले की कट-आउट स्टबल के परिवहन की सुविधाएं बनाई जा रही हैं। नए जैव-ईंधन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं इससे रोजगार मिलेगा और नए अवसर पैदा होंगे। सभी ग्रामीण किसान लाभान्वित होंगे। इससे देश में प्रदूषण की चुनौतियां भी कम हुईं। वहीं, इससे चावल के भूसे को काटने, संभालने, भंडारण आदि के लिए आपूर्ति श्रृंखला में अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होगा। परियोजना में शून्य तरल निर्वहन होगा। चावल के भूसे (पराली) को जलाने में कमी के माध्यम से यह परियोजना प्रति वर्ष लगभग 3 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष उत्सर्जन के बराबर ग्रीनहाउस गैसों को कम करने में योगदान देगी। यह देश की सड़कों पर करीब 63 हजार कारों को बदलने के सामान है।