TrendingiranTrumpED Raid

---विज्ञापन---

Bihar Politics: पटना में राजद कार्यालय के बाहर विवादस्पद पोस्टर, रामायण और महाभारत का ऐसे किया यूज

Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना राजद कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है। ये पोस्टर पटना में राजद नेता राबड़ी देवी के आवास और राज्य कार्यालय के बाहर लगाए गए हैं। पोस्टर में 2024 के आम चुनावों में भाजपा की हार और महागठबंधन की जीत का दावा करते हुए हिंदू पौराणिक कथाओं, रामायण और महाभारत […]

Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना राजद कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है। ये पोस्टर पटना में राजद नेता राबड़ी देवी के आवास और राज्य कार्यालय के बाहर लगाए गए हैं। पोस्टर में 2024 के आम चुनावों में भाजपा की हार और महागठबंधन की जीत का दावा करते हुए हिंदू पौराणिक कथाओं, रामायण और महाभारत का इस्तेमाल किया गया है।

पोस्टर के जरिए रामायण, महाभारत का जिक्र

पोस्टर को तीन हिस्से में बांटकर देखा जा सकता है। पहले दो हिस्सों में बताया गया है कि कैसे भगवान राम ने रामायण में रावण को हराया और भगवान कृष्ण ने महाभारत में कंस को हराया। पोस्टर के आखिरी हिस्से में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 2024 के लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी को हराते हुए दिखाया गया है। पोस्टर पर छपरा की प्रदेश महासचिव पूनम राय की तस्वीर के साथ महागठबंधन जिंदाबाद के नारे भी लिखे हैं। पोस्टर को लेकर भाजपा प्रवक्ता नवल किशोर यादव ने कहा, "नीतीश कुमार सभी विपक्षी नेताओं में नए हैं, चाहे वह मायावती हों, अखिलेश यादव हों, ममता बनर्जी और नवीन पटनायक हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2034 तक सत्ता में रहेंगे। उन्हें कोई नहीं हरा सकता।"

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने पोस्टर को लेकर दी सफाई

पोस्टर को लेकर राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं। इन्हें हमारी पार्टी आरजेडी ने अधिकृत नहीं किया है। फिर भी 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी बिहार से शुरू हो गई है और सभी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लड़ाई उस पार्टी के खिलाफ है जो गरीबों, युवाओं और किसानों के खिलाफ है। नीतीश कुमार ने बिहार में मोर्चा संभाला और एकजुट विपक्ष का चेहरा बन सकते हैं। हर बिहारी यही चाहता है। बता दें कि कुछ दिन पहले, बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव की "रामचरितमानस" पर की गई टिप्पणी पर विवाद छिड़ गया था। उन्होंने कहा कि हिंदू धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस समाज में नफरत फैलाता है।


Topics:

---विज्ञापन---