S400 Missile System Explained: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में सैन्य संघर्ष जारी है। ऑपरेशन सिदूंर से बौखलाए पाकिस्तान ने देश के कई राज्यों को अपना निशाना बनाने की कोशिश की है। लेकिन भारतीय सेना के ब्रह्मास्त्र S-400 ने पाकिस्तान के इन नापाक मंसूबों ध्वस्त कर दिया? बताया जा रहा है कि S-400 ने पाकिस्तान के 500 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए हैं। आइए जानते हैं इन ड्रोन को मिट्टी में मिलाने वाली S400 मिसाइल सिस्टम क्या है और ये कैसे काम करता है ?
2007 में रूस के बेड़े में शामिल हुआ था S-400 Air Defense System
जानकारी के अनुसार पहली बार रूस ने 2007 में अपनी सेना में S-400 मिसाइल को शामिल किया था। दरअसल, ये हवा से आने वाले किसी भी खतरे को मार गिराने की क्षमता रखता है। ये मिसाइल हवा में 600 किलोमीटर के दायरे में अपनी तरफ आने वाली किसी भी मिसाइल को पकड़ सकती है। ये मिसाइल 400 किलोमीटर के दूर से किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और किसी भी तरह के एरियल टारगेट को गिरा सकती है। भारत ने 2018 में रूस से 40000 करोड की लागत से पांच S-400 Air Defense मिसाइलों को खरीदा था।
किस तरह टारगेट हिट करता है S-400 Air Defense System
ये मिसाइल 400 किलोमीटर की रेंज में आगे और पीछे दोनों तरफ अपने टारगेट को हिट करता है। इस मिसाइल से जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात समेत अन्य संवेदनशील बॉर्डरों पर लगाया गया है। इस मिसाइल का सर्विलांस रडार अपने 600 किलोमीटर में आने वाले स्टेल्थ जहाज को भी पकड़ लेता है। बता दें ये ऐसे जहाज होते हैं जो स्टेल्थ प्रौद्योगिकी निर्माण तकनीकों का यूज कर बनाए जाते हैं जिससे इन्हें किसी रडार, कैमरा, सोनार और अन्य किसी तकनीक से नहीं पकड़ा जा सके।
80 टारगेट को एक साथ पकड़ लेता है S-400 Air Defense System
स्टेल्थ जहाज के अलावा ये सिस्टम देश की तरफ आने वाले 80 टारगेट को एक साथ पकड़कर खत्म कर सकता है। सिस्टम में लगा रडार 600 किलोमीटर तक दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल की जानकारी अपने साथ लगे फायर कंट्रोल रडार को देता है, फिर ये दूसरे टारगेट की निगरानी करने लगता है। फायर कंट्रोल रडार उससे जुड़ी मिसाइल को पकड़ में आए ड्रोन या मिसाइल को मारने का आदेश देता है। मिसाइल पर कमांड पोस्ट ट्रक से नजर रख जाती है। बता दें एक बार में दो मिसाइल टारगेट को हिट करने के लिए निकलती हैं। अगर मिसाइल टारगेट को मिस करती हैं तो ये दोबारा से टारगेट के लिए निकलती हैं। ये पूरा सिस्टम ट्रक में लगा होता है, एक ट्रक के ऊपर रिसीवर रडार, दूसरे पर फायर कंट्रोल रडार और अन्य पर मिसाइल लगी होती हैं। कमांड पोस्ट का एक ट्रक अलग होता है।
1 सेकंड में 5 किलोमीटर तक चलता है S-400 Air Defense System
ये सिस्टम एक सेकंड में करीब 5 किलोमीटर तक चलता है। एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का ऐसा कोई जहाज नहीं है जो एक सेकंड में 2 किलोमीटर से ज्यादा चल पाता हो। बताया जाता है कि कोई तेज जहाज भी एक सेकंड में एक किलोमीटर तक ही जा सकता है। खास बात ये है कि ये सिस्टम हर मौसम में काम कर सकता है, धूप, पानी और अन्य किसी प्राकृतिक नुकसान से बचाने के लिए इसमें ट्यूब की तरह दिखने वाली कैनिस्टर होती हैं।
What Is S-400- एक लॉन्चर में होती हैं चार मिसाइल ट्यूब
जिस ट्रक से मिसाइल निकलते हैं उस पर लॉन्चर लगा रहता है। एक लॉन्चर में चार मिसाइल ट्यूब होती हैं। चार लॉन्चर को मिलाकर एक बैटरी कहा जाता है, इसी को एक रेजिमेंट कहते हैं। हर एक रेजिमेंट में कुल दो बैटरी होती हैं। हर बैटरी में चार लॉन्चर होते हैं। हर एक लॉन्चर में चार मिसाइल होती हैं।
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